शुभम जायसवाल 
उत्तर प्रदेश

कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल 'भगोड़ा' घोषित

कोर्ट के नोटिस के बाद भी पेश न होने पर शुभम जायसवाल पर FIR दर्ज

वाराणसी : वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले के सरगना शुभम जायसवाल को नोटिस मिलने के बावजूद तय समय सीमा के अंदर अदालत में पेश नहीं होने पर 'भगोड़ा' घोषित कर दिया है।

रोहनिया थाने के प्रभारी राजू सिंह ने बताया कि फास्ट ट्रैक अदालत ने 27 फरवरी को एक नोटिस जारी किया था जिसमें जायसवाल को 30 दिन में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

सिंह ने कहा, चूंकि उसने तय समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया इसलिए मंगलवार देर रात जांच अधिकारी दिनेश त्रिपाठी की शिकायत पर उसके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया और अब उसे फरार घोषित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि जायसवाल पिछले साल 19 नवंबर को वाराणसी के भधवार इलाके में लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के कोडीन युक्त कफ सिरप को नष्ट किए जाने से जुड़े एक मामले में आरोपी है।

सिंह ने बताया कि रोहनिया थाने में जायसवाल, उसके पिता भोला जायसवाल, आजाद जायसवाल और गाजियाबाद के सौरभ त्यागी समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि जायसवाल अब भी फरार है।

यह घटनाक्रम राज्य में कोडीन-युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार के खिलाफ जारी व्यापक कार्रवाई के बीच हुआ है।

पुलिस के मुताबिक इसी से जुड़े एक मामले में नशीले पदार्थों की तस्करी की वित्तीय जांच के तहत कानपुर में लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई और एक बैंक खाते से लेनदेन पर रोक लगा दी, जिसमें 37 लाख रुपये जमा हैं।

पुलिस ने एक अन्य आरोपी विनोद अग्रवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। वह इस वक्त जेल में बंद है। यह पाया गया था कि उसने अवैध सिरप व्यापार से होने वाली कमाई के जरिए संपत्ति अर्जित की थी।

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