नोएडा : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की पिछली सपा सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि 2013 में राज्य सरकार ने दिल्ली में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था, क्योंकि लखनऊ में अधिकारियों ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर सम्मेलन कराने से इनकार कर दिया था।
शाह ने यहां उत्तर प्रदेश 'इंटरनेशनल ट्रेड शो' में कहा, 2013 का साल था। उत्तर प्रदेश की सरकार ने औद्योगिक निवेश के लिए सम्मेलन किया। आज कोई सोचेगा कि यह सम्मेलन नोएडा, काशी, लखनऊ में हुआ होगा, लेकिन उस वक्त सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा था।
उन्होंने आगे कहा, जब मीडिया में इस पर सवाल किया गया तो उस वक्त उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने बेझिझक कह दिया कि लखनऊ में कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी है कि वहां कोई निवेशक आने को तैयार नहीं है। इसलिए हम दिल्ली आ गए हैं।
शाह ने कहा कि आज वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र और देश के विकास का इंजन बन रहा है। यह परिवर्तन डबल इंजन की सरकार का जादू है। उत्तर प्रदेश में हुए इस परिवर्तन के कारण यह राज्य 1,000 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करक सकता है।
उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में एक समय माफियाओं का शासन चलता था। वर्ष 2017 में यहां भाजपा की सरकार बनी, योगी आदित्यनाथ इसके मुख्यमंत्री बने और प्रदेशभर में माफियाओं को समाप्त करने का काम भाजपा की योगी सरकार ने किया। इसी कारण आज उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बना।
शाह ने कहा, निवेश के माहौल की पहली शर्त है कि कानून व्यवस्था दुरुस्त हो। दूसरा अनुकूल औद्योगिक नीति बने, तीसरो सक्रिय सरकार हो और चौथा सुविधा देने का उत्साह हो। ये चारों चीजें उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, हमारे नेता नरेन्द्र मोदी ने राजनीतिक स्थिरता को अपनी पहचान बनाया। उन्होंने न केवल नीतियों का निर्माण किया, बल्कि टिकाऊ रूप से उसे जमीन पर भी उतारा।