लखनऊ : ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने के नाम पर व्हाट्सऐप के जरिए मैलवेयर युक्त एपीके फाइल भेजकर करीब 32 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के आरोप में पुलिस ने झारखंड के एक युवक को गिरफ्तार किया है।
लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि तकनीकी जांच के बाद आरोपी को झारखंड के धनबाद थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया और उसकी पहचान धनबाद निवासी विवेक प्रताप सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित कुमुद चंद्र अग्रवाल ने नौ सितंबर को लखनऊ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने ग्रीन गैस मीटर अपडेट करने के बहाने उन्हें व्हाट्सऐप पर एक एपीके फाइल भेजी थी। इसे डाउनलोड करते ही आरोपियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन का अनधिकृत एक्सेस हासिल कर लिया और बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग कर खाते से करीब 32 लाख रुपये निकाल लिए।
पुलिस के मुताबिक, ठग ग्रीन गैस लिमिटेड (जीजीएल) का प्रतिनिधि बनकर लोगों को मीटर अपडेट कराने का झांसा देते हैं। कंपनी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति करती है। ठगों द्वारा भेजी गई संक्रमित फाइल मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंच बनाने में सक्षम होती है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे लखनऊ लाया गया। उसके पास से 1,23,400 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, एयरटेल पेमेंट्स बैंक की चार किट और 11 सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में ग्रीन गैस के नाम पर इस तरह की साइबर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। अक्टूबर की शुरुआत तक इस संबंध में कई प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और अनेक शिकायतें मिली थीं।