मथुरा : राधा रानी की नगरी बरसाना बुधवार को पूरी तरह से 'रंगोत्सव' के उल्लास में डूबी नजर आई। शाम करीब पांच बजे विश्व प्रसिद्ध लठामार होली खेली गई, जहां नंदगांव के हुरियारों पर बरसाने की हुरियारिनों ने प्रेम की लाठियां बरसाईं।
छतों से लेकर सड़क तक हर कोना अबीर-गुलाल से सराबोर था और हर तरफ केवल राधा-कृष्ण के जयकारे गूंज रहे थे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने 'रंगोत्सव 2026' को भव्य रूप देते हुए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अनूठी होली का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना में उमड़ पड़ा।
नंदगांव के हुरियारों के बरसाना पहुंचने पर प्रिया कुंड पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बरसाना वासी कृष्ण के सखाओं को दामाद के रूप में देखते हैं, इसलिए उसी आत्मीय भाव से उन्हें मिठाई, पकोड़े, ठंडाई और भांग परोसी गई। इसके बाद हुरियारों ने अपनी पाग (पगड़ी) बांधी और ब्रह्मांचल पर्वत स्थित श्री लाडली किशोरी जी के मंदिर पहुंचकर राधा रानी से होली खेलने की अनुमति ली। इस अद्भुत क्षण को और भी दिव्य बनाने के लिए हेलीकॉप्टर से हुरियारों और श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।
दर्शन के बाद शाम करीब चार बजे हुरियारे रंगीली गली पहुंचे। यहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक ब्रज रसिया और होली गीत गाकर उन्होंने हुरियारिनों को रिझाया। इसके जवाब में महिलाओं ने मजाकिया अंदाज में उन पर लाठियों से वार किया, जिससे पुरुषों ने चमड़े की मजबूत ढाल से अपना बचाव किया।
कुमार ने बताया कि इस बीच स्थानीय स्थानीय अभिसूचना इकाई व सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों की टीम भी सादा वर्दी में तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि बरसाना आने वाले सभी बाहरी वाहनों को मेले से दूर बैरीकेडिंग कर पार्किंग में ठहराया जा रहा है।
मान्यता है कि यह परंपरा 5000 साल पुरानी है, जब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी और उनकी सखियों को चिढ़ाने आए थे, तब सखियों ने उन्हें लाठियों से खदेड़ा था। ब्रज में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलती है। इसका सबसे मुख्य आकर्षण यह लठामार होली ही है।
इस अलौकिक दृश्य और आनंद को देखकर श्रद्धालु और मंदिर के सेवायत भाव-विभोर हो गए। श्रद्धालु भारती ने कहा , मैंने जीवन में पहली बार ऐसी होली देखी है। लाठियों की मार में भी जो प्रेम और भक्ति का भाव है, वह सिर्फ ब्रज में ही महसूस किया जा सकता है। ऐसा लग रहा है मानो साक्षात कान्हा यहां होली खेल रहे हों।
श्रद्धालु स्वाति ने कहा कि सरकार ने जो व्यवस्था की है, वह बेहतरीन है, इतनी भीड़ के बावजूद प्रशासन का प्रबंधन शानदार था। उसने कहा कि आसमान से जब हेलीकॉप्टर से फूल बरसे, तो हमारा मन आनंद से भर गया।
नंदबाबा मंदिर के मुख्य पुजारी मनीष गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव और बरसाना का यह रिश्ता द्वापर युग से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह लाठियां चोट नहीं पहुंचातीं, बल्कि यह राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम और मनुहार का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा ब्रज इसी प्रेम रस में डूबा हुआ है।
इससे पहले जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि पूरी दुनिया में मशहूर बरसाना की लठामार होली के लिए सुरक्षा की व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। सिंह ने बताया कि इसके लिए पूरे होली मेला क्षेत्र को आठ जोन एवं 14 सेक्टरों में बांटकर यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े कुल चार हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हर जोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक व जोनल मजिस्ट्रेट तथा हर सेक्टर का भार उपाधीक्षक व सेक्टर मजिस्ट्रेट की रहेगी। उन्होंने बताया कि 150 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहेंगे तथा असामाजिक तत्वों पर लगाम के लिए विशेष तौर पर गठित 'गुण्डा दमन दल' कमान संभालेंगे। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को ताकीद की गई है कि वे श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करें और मुस्तैदी के साथ डयूटी करें। होली के दौरान किसी भी श्रद्धालु के साथ बदतमीजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में अपर पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के 500 अधिकारी तथा पुरुष व महिला मुख्य आरक्षी, आरक्षी, यातायात पुलिस के जवान, होमगार्ड्, नए रंगरूट, प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी), गुण्डा दमन दल, बम डिटेक्ट एण्ड डिस्पोजल यूनिट, अग्निशमन दल, घुड़सवार दल आदि के 3500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।