अयोध्या : अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में बाकी बचे दो आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई बुधवार को टाल दी गई। यह सुनवाई अब बृहस्पतिवार को होगी। कथित चढ़ावा चोरी मामले में बाकी बचे दो आरोपियों - सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होनी थी।
वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि यह सुनवाई भ्रष्टाचार-रोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा के सामने होनी थी लेकिन पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद स्थानीय बार एसोसिएशन ने आपत्ति जताई जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी।
सिंह ने बताया, अब गुरुवार को सुनवाई होगी। आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और अदालत ने उसका संज्ञान भी ले लिया है लेकिन बचाव पक्ष को अभी तक उस दस्तावेज की प्रति नहीं मिली है।
सिंह ने कहा, जब हमें आरोप पत्र की प्रति मिल जाएगी तब हमारी ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई या जवाब के बारे में फैसला किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय बार एसोसिएशन को मिली जानकारी के मुताबिक आरोप पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम शामिल नहीं थे और उन पर कोई आरोप भी नहीं लगाया गया था।
इस मामले में जब सुनवाई शुरू हुई थी तो स्थानीय बार एसोसिएशन ने पुलिस को एक अर्जी देकर मांग की थी कि ट्रस्ट के अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाए। अदालत ने सोमवार को तीन आरोपियों - अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव और रमाशंकर मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी और मंगलवार को अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे की अर्जी भी नामंजूर कर दी थी।
सिंह ने बताया कि इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। इस मामले में गिरफ्तार किये गये कर्मचारियों में से ज्यादातर वे लोग हैं जिन्हें मंदिर में नकद दान की गिनती के लिए तैनात किया गया था।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिये गत 13 जून को राज्य सरकार द्वारा बनाई गई विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक जांचकर्ताओं ने इस मामले में अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं। एसआईटी ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि वह 25 सितंबर तक आरोप पत्र दाखिल कर देगी।