कानपुर में लाल आलू का फर्जीवाड़ा 
उत्तर प्रदेश

कानपुर में लाल आलू का बड़ा फर्जीवाड़ा: फर्श रंगने वाले सीमेंट कलर से रंगे 5000 किलो जहरीले आलू जब्त

कानपुर से मिलावट से जुड़ी बेहद चौंकाने वाली खबर आई है। यह खबर यह बताती है कि बाजार में अधिक मुनाफा कमाने और मांग को पूरा करने के लिए मिलावटखोर किस हद तक जा सकते हैं।चौंकाने वाला यह मामला कानपुर के बिल्हौर से सामने आया है। नेपाल और पूर्वांचल में लाल आलू की भारी डिमांड को पूरा करने के लिए जालसाजों ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का एक खौफनाक तरीका ढूंढ निकाला। साधारण आलू को लाल आलू बताकर ऊंचे दामों पर बेचने के लिए फर्श को रंगने वाले लाल सीमेंट कलर का इस्तेमाल किया जा रहा था।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के तहत मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जब इस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बिल्हौर स्थित अनुज कोल्ड स्टोरेज और एम्पा कोल्ड स्टोरेज में अचानक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

खाने वाला, फर्श रंगने वाला रंग

छापेमारी के दौरान देखा गया कि वहां साधारण सफेद आलू को खतरनाक आर्टिफिशियल रंग में डुबोकर उसे लाल आलू का रूप दिया जा रहा था। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि जिस रंग का इस्तेमाल आलू को लाल करने में किया जा रहा था, वह कोई खाने वाला रंग (फूड कलर) नहीं था, बल्कि फर्श चमकाने और रंगने वाला सीमेंट कलर फॉर फ्लोर था। यह रंग इंसानी शरीर के लिए बेहद जहरीला और खतरनाक होता है।

5 टन से अधिक रंगा हुआ आलू जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से 5,000 किलो (5 टन) से अधिक रंगा हुआ आलू जब्त कर लिया है। बाजार में इस जब्त किए गए आलू की कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये आंकी गई है। अगर समय रहते विभाग ने यह कार्रवाई न की होती, तो यह जहरीला आलू नेपाल, पूर्वांचल और आसपास के कई अन्य बाजारों में पहुंच जाता और मासूम लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाता।

होगी सख्‍त कार्रवाई

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके से रंगे हुए आलू और इस्तेमाल किए जा रहे सीमेंट कलर समेत कुल 4 नमूने (सैंपल) इकट्ठा किए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही लैब से रिपोर्ट आएगी, वैसे ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इस खतरनाक काम में शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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