राम मंदिर में पहली बार बनेगा CEO पद 
उत्तर प्रदेश

राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, पहली बार CEO करेगा मंदिर का संचालन

राम मंदिर को मिलेगा पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी, 2500 कर्मचारियों पर होगी नजर

अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी तथा पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ट्रस्ट पहली बार मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति करेगा।

इस पद पर नियुक्त अधिकारी को मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों के संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ट्रस्ट का मानना है कि सीईओ की नियुक्ति से मंदिर के संचालन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।

सीईओ सीधे ट्रस्ट बोर्ड के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। मंदिर में प्रतिदिन आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। इसके लिए आधुनिक अकाउंटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे प्रत्येक वित्तीय लेन-देन का पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जा सके।

साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय विशेषज्ञों की टीम पूरी वित्तीय व्यवस्था की नियमित निगरानी करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की संभावना न रहे। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, दर्शन प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अन्य सेवाओं में तैनात करीब 2,500 कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी भी सीईओ के अधीन होगी।

कर्मचारियों की ड्यूटी तय करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा। इसके अलावा सीईओ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, ट्रस्ट के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का कार्य भी करेंगे।

मंदिर से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल सुनिश्चित करना भी उनकी अहम भूमिका में शामिल होगा। ट्रस्ट के अनुसार, यह पद राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। सीईओ के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन पहले ही किया जा चुका है।

संभावना है कि 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। सीईओ की नियुक्ति के बाद राम मंदिर के प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक संगठित, पारदर्शी और आधुनिक स्वरूप मिलने की उम्मीद है।

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