माघ मेला AMAR
उत्तर प्रदेश

प्रयागराज में माघ मेला : 7 साल से खड़ा साधु बना आकर्षण का केंद्र

उनका दावा है कि वह पिछले सात सालों से बैठे या लेटे नहीं है

Santosh Sharma

प्रयागराज : प्रयागराज में आस्था का केंद्र बने माघ मेले में मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक माहौल के बीच साधुओं की विभिन्न भाव-भंगिमाएं और विचित्र व्यवहार बरबस ध्यान खींचते हैं। बिहार के सीतामढ़ी जिले के 26 साल के एक साधु अपनी एक अनोखी आध्यात्मिक प्रतिज्ञा के लिए लगातार सबको आकर्षित कर रहे हैं। उनका दावा है कि वह पिछले सात सालों से बैठे या लेटे नहीं है।

शंकरपुरी के नाम से जाने जाने वाले इस युवा साधु को माघ मेले में एक पैर पर खड़े देखा गया। वह सोते समय भी अपने सिर को सहारा देने के लिए लकड़ी के सहारे का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि वह खाने से लेकर पूजा-पाठ तक सभी रोजाना के काम खड़े होकर ही करते हैं।

शंकरपुरी ने कहा, मैं नैमिषारण्य का रहने वाला हूं। माना जाता है कि वहां 88 हजार ऋषि रहते हैं। मेरा जन्म वहीं हुआ था और उस पवित्र जगह पर मेरा एक आश्रम भी है। उसी धरती से मेरे मन में यह विचार आया कि मुझे खड़े रहना चाहिए। मैं 6 साल की उम्र से संत हूं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कभी बैठते या लेटते हैं, तो साधु ने जवाब दिया, मैं 7 साल से खड़ा हूं। इस सवाल पर कि वह आराम कैसे करते हैं, युवा साधु ने कहा कि वह लकड़ी के पालने जैसी चीज पर सिर रखकर खड़े-खड़े ही सोते हैं। उन्होंने आगे कहा, खाना, पानी और सभी रोजाना के काम इसी मुद्रा में किए जाते हैं।

माघ मेला सदियों से एक ऐसा मंच रहा है, जहां साधु-संत तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन के अलग-अलग और अक्सर बहुत कठिन रूप दिखाते हैं। वे देश भर से तीर्थयात्रियों और भक्तों को आकर्षित करते हैं।

माघ मेला 44 दिनों का धार्मिक आयोजन है। विगत तीन जनवरी को शुरू हुआ यह मेला 15 फरवरी को सम्पन्न होगा। इस दौरान लाखों भक्तों के संगम में पवित्र डुबकी लगाने की उम्मीद है।

SCROLL FOR NEXT