लखनऊ : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ में हिस्सा लेने के बाद जापान के 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का चार दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरा गुरुवार से शुरू होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में आ रहे प्रतिनिधिमंडल के लिए पर्यटन विभाग ने विशेष भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया है।उन्होंने बताया कि जापानी प्रतिनिधिमंडल को ऐतिहासिक स्मारकों के साथ प्रदेश की जीवंत संस्कृति, ब्रज परंपरा, बौद्ध विरासत, आध्यात्मिकता, खान-पान और वेलनेस पर्यटन से परिचित कराया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल आगरा, लखनऊ और वाराणसी की यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक पहचान से रूबरू होगा तथा दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा करेगा।
जापानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा ताज नगरी आगरा से शुरू होगी, जहां मेहमानों का ब्रज की पारंपरिक संस्कृति और लोक परंपराओं के साथ स्वागत किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ताजमहल का भ्रमण कर लखनऊ के लिए रवाना होगा।
अधिकारियों ने बताया कि 21 अगस्त को लखनऊ में मंत्री जयवीर सिंह जापानी प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश की बौद्ध पर्यटन क्षमता और जापान के साथ पर्यटन सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों पक्ष आरोग्य, ध्यान, अनुभव आधारित पर्यटन, खान-पान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान बुद्ध संस्कृति, सभ्यता और विरासत साझा करते हैं, लेकिन पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं इससे कहीं अधिक व्यापक हैं। उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिकता, ब्रज की परंपराएं, प्रदेश का खान-पान, वेलनेस और जीवंत संस्कृति जापानी पर्यटकों को विशेष अनुभव दे सकती है।
सिंह ने कहा कि यह यात्रा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक परिचय मजबूत करने के साथ लोगों के बीच संपर्क और पर्यटन आवागमन बढ़ाने का अवसर है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश दौरा 23 अगस्त को वाराणसी में संपन्न होगा।