बरेली में मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते सुरक्षाकर्मी।  -
उत्तर प्रदेश

‘मौलाना के बहकावे’ पर बरेली में बवाल

रजा के कहने पर जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के बाहर जुटे लोग, पुलिस से भिड़े, लाठीचार्ज

बरेली : ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद बढ़ता ही जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर एकत्र स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने कहा कि स्थानीय धर्मगुरु और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में मस्जिद के बाहर एकत्र हुए थे। लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर इन लोगों ने धार्मिक नारेबाजी की और पुलिस कर्मियों से भिड़ गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने लॉठी चार्ज कर दिया। बताया गया कि धर्मगुरु और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा इस दौरान कहीं नहीं दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर दिखाई गई तस्वीरों में पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों को दौड़ा-दौड़ार पीटते देखा जा रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि स्थिति अब सामान्य और नियंत्रण में है। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। हम लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से ही शुरू हुआ था ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद

यह विवाद उत्तर प्रदेश के कानपुर से ही शुरू हुआ था। बीते 9 सितंबर को जब कानपुर पुलिस ने 4 सितंबर को बारावफात के जुलूस के दौरान कानपुर की एक सार्वजनिक सड़क पर कथित तौर पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में नौ नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस कदम पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे एक ‘नया चलन’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह जानबूझकर उकसाने वाला कदम है।ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा करने के बाद कि ‘आई लव मोहम्मद’ कहना कोई अपराध नहीं है, इस विवाद ने और अधिक तूल पकड़ लिया।

मौलाना रजा पर 2010 में भी दंगा करवाने का भी आरोप

मौलाना तौकीर रजा पर 2010 में बरेली में दंगा करवाने का भी आरोप है। उसके एक बयान से आज फिर बरेली सुलग गई। बताया गया कि रजा ने मुस्लिमों से इस्लामिया ग्राउंड में प्रदर्शन करने की अपील की थी। जुमे की नमाज के बाद भीड़ सड़क पर उतर आई और जबरन इस्लामिया मैदान में जाने की जिद पर अड़ गई। जिसके बाद माहौल बिगड़ना शुरू हुआ। मालूम हो कि मौलाना तौकीर रजा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष है. इन पर 2010 में बरेली में दंगा करवाने का भी आरोप है। अब आज फिर इस मौलाना के एक बयान से बरेली सुलग उठा है।

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