लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर देश-प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि जयंती पर अपनी शुभकामनाओं के साथ एक खुला पत्र ''एक्स'' पर साझा करते हुए युवाओं से किसी भी प्रकार का भेदभाव न मानने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर मैं आप सभी युवाओं से विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि युवा ऊर्जा के प्रेरणा पुंज भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए यह संकल्प लें कि किसी प्रकार का भेदभाव नहीं मानेंगे। जब मन से ऊंच-नीच की दीवारें टूटेंगी, तभी समरस समाज का स्वप्न साकार होगा। जय श्रीराम !
योगी ने अपनी पोस्ट में कहा, सामाजिक समरसता, न्याय एवं मानवता के उद्घोषक आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की पावन जयंती पर आप सभी को हृदय से बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी अमर कृति 'रामायण' के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया है, वह युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, रामराज्य की परिकल्पना भी प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। आज उत्तर प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि जी के इन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान में जुटी है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक ''एक्स'' पर एक संदेश में कहा, समस्त देशवासियों को महर्षि वाल्मीकि जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ''एक्स'' पर अपनी पोस्ट में कहा, महर्षि वाल्मीकि जयंती की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें।
उन्होंने कहा कि सभी लोग आपसी भाईचारा, सुख-शांति व सौहार्द का खुशहाल जीवन जिएं, यही आज के दिन का संदेश है।