बिजनौर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में आयोजित जनसभा के दौरान जिले को ₹1,003 करोड़ से अधिक की लागत वाली 76 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
'बिजनौर अपशकुन नहीं'
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले कुछ मुख्यमंत्री बिजनौर को अपशकुन मानकर यहां आने से बचते थे। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह थी कि अपशकुन बिजनौर नहीं, बल्कि वे स्वयं थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पावन भूमि पर भगवान श्री कृष्ण स्वयं आने को उत्सुक रहे और महात्मा विदुर के घर साग ग्रहण किया, उस स्थान पर आने से कोई क्यों परहेज करेगा।
'सरकार का लक्ष्य समाज को जोड़ना, तोड़ना नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य समाज में विभाजन पैदा करना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को साथ लेकर प्रदेश के विकास को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए पूर्व सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले के नेता देर रात तक जागते थे, सुबह देर से उठते थे और अपनी मंडली तक ही सीमित रहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास आम जनता से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनने का समय नहीं था।
'जिन्ना नहीं, गन्ना चाहिए'
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर में कुछ लोग समाज को बांटने की राजनीति करते थे। उन्होंने कहा, "उन्हें जिन्ना चाहिए, जबकि हमें गन्ना चाहिए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शिवरात्रि, जन्माष्टमी और कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने का प्रयास किया जाता था, जबकि आज उत्तर प्रदेश दंगामुक्त है और सभी धार्मिक यात्राएं शांतिपूर्ण एवं धूमधाम से संपन्न हो रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में महिलाओं, बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है तथा कानून-व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की नीतियों का परिणाम था। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को उनकी सरकार ने दशकों बाद अधिकार दिलाने का कार्य किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई विकास राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति और पेंशन जैसी योजनाओं में भी अनियमितताएं होती थीं। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए जनता से ऐसे लोगों से सतर्क रहने की अपील की, जो समाज को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।