शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामला 
उत्तर प्रदेश

चंद्रनाथ रथ मर्डर केस : वांछित मोनू सिंह ने बलिया की अदालत में सरेंडर किया

गैंगस्टर एक्ट समेत 12 आपराधिक मामलों में नामजद मोनू सिंह 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

बलिया : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा आरोपियों की तलाश के लिए चलाये गये अभियान के बीच एक वांछित गैंगस्टर ने गुरुवार को एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस ने बताया कि ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ ​​मोनू ने बलिया की एक अदालत के सामने एक पुराने मामले में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए मऊ जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया।

बांसडीह रोड थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने बताया कि सिंह पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में भी वांछित था। उन्होंने बताया कि साल 2023 में बांसडीह रोड थाने में सिंह के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।

सिंह के वकील कैश सिंह ने बताया कि गैंगस्टर अदालत के न्यायाधीश हरीश कुमार ने ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने 25 मई को सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था क्योंकि वह इस मामले में अदालत के सामने पेश नहीं हुआ था।

अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि CBI के अधिकारी सिंह पर आत्मसमर्पण करने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। जांच के सिलसिले में हाल ही में उन्होंने सिंह के घर से CCTV फुटेज भी जब्त की थी।

इस बीच, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी महिमा सिंह ने कहा कि उसका पति निर्दोष है। महिमा ने कहा, मेरे पति को हत्या के झूठे मामले में फंसाया गया है। हमें CBI पर पूरा भरोसा है। हमें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।

महिमा ने आरोप लगाया कि CBI और पुलिस की टीमें अक्सर उसके घर आती थीं व परिवार के सदस्यों से पूछताछ करती थीं।

हाल के दिनों में ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो और ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट वायरल हुआ था, जिसमें उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रथ हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की थी।

सिंह ने पोस्ट में आरोप लगाया था कि उसके गांव के मुकेश कुमार सिंह और संदीप सिंह सहित तीन लोग चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता थे। एक अन्य व्यक्ति निशांत सिंह भी इसमें शामिल था। रथ की हत्या 6 मई को पश्चिम बंगाल में हुई थी। CBI इस मामले की जांच कर रही है।

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