डीएनए जांच से खुलेगा रिश्तों का राज 
उत्तर प्रदेश

मथुरा में दफन बच्ची का शव निकाला गया, डीएनए जांच से खुलेगा रिश्तों का राज

कब्र से निकाले गए मासूम के शव का डीएनए टेस्ट तय करेगा कि बच्ची का जैविक पिता पति है या नाना, अदालत की निगरानी में पुलिस ने शुरू की वैज्ञानिक जांच

मथुरा में एक साल की मासूम बच्ची की मौत के बाद ऐसा सवाल खड़ा हो गया है, जिसका जवाब अब विज्ञान देगा। अदालत के आदेश पर दफनाए जा चुके शव को कब्र से निकालकर डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। मामला सिर्फ एक बच्ची की पहचान का नहीं, बल्कि एक महिला के उन सनसनीखेज आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उसने दावा किया है कि उसकी बेटी उसके पति की नहीं, बल्कि उसके पिता की संतान थी। अब डीएनए रिपोर्ट ही इस रिश्ते के सबसे बड़े रहस्य से पर्दा उठाएगी।

महिला ने पिता पर लगाए थे गंभीर आरोप

मथुरा के सौंख क्षेत्र में एक साल की बच्ची की मौत से जुड़ा मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के निर्देश पर बच्ची का शव कब्र से निकालकर डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बच्ची का जैविक पिता कौन था।

मूल रूप से आगरा की रहने वाली एक महिला ने अपने पिता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया था। महिला का कहना था कि विवाह के बाद भी उसके पिता ने कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके कारण वह गर्भवती हुई और बाद में एक बच्ची का जन्म हुआ।

यह मामला पिछले कुछ समय से अदालत में विचाराधीन है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।

मार्च में गर्म दूध से झुलसने के बाद हुई थी बच्ची की मौत

करीब एक वर्ष की उम्र में बच्ची एक दुर्घटना का शिकार हो गई थी। परिजनों के अनुसार, मार्च महीने में वह गर्म दूध से गंभीर रूप से झुलस गई थी। हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृत्यु के बाद परिवार ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार बच्ची को दफना दिया था।

पितृत्व विवाद के चलते कोर्ट ने दिए डीएनए टेस्ट के आदेश

अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान बच्ची के पितृत्व को लेकर उठे सवालों के मद्देनजर डीएनए जांच कराने का आदेश दिया गया। इसी आदेश के पालन में आगरा पुलिस की टीम मथुरा पहुंची और प्रशासनिक निगरानी में बच्ची का शव बाहर निकालकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।

पोस्टमार्टम और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराने के साथ-साथ डीएनए सैंपल भी एकत्र किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची का जैविक पिता कौन था। फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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