FSSAI द्वारा सौंपा जाता ‘भोग’ प्रमाणपत्र 
उत्तर प्रदेश

अयोध्या: राम मंदिर के प्रसाद को मिला FSSAI का ‘भोग’ प्रमाणपत्र

खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर लगी मुहर

Ravi

अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले प्रसाद को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ‘भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है। इस प्रमाणन के जरिए मंदिर की रसोई में प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को मान्यता मिली है।

FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रजित पुन्हानी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को प्रमाणपत्र सौंपा। इस अवसर पर ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन और सचिव जगदीश आफले मौजूद रहे।

रसोई से खाद्य सामग्री तक की हुई जांच

प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए मंदिर की रसोई में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। जांच प्रक्रिया के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पानी की शुद्धता, घी और तेल के इस्तेमाल, बर्तनों की सफाई तथा प्रसाद तैयार करने की प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया गया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त देवाशीष उपाध्याय के अनुसार, प्रसाद तैयार करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। रसोई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और तैयार प्रसाद के नमूनों की जांच की गई, जिनके निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी हुई।

क्या है FSSAI का ‘भोग’ प्रमाणपत्र?

‘BHOG’ का पूरा नाम Blissful Hygienic Offering to God है। FSSAI की इस पहल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भगवान को अर्पित किए जाने वाले भोग और श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले प्रसाद की स्वच्छता, गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यह पहल केंद्र सरकार के ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान से जुड़ी है। इसके अंतर्गत धार्मिक स्थलों की रसोई, भंडारण व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और प्रसाद वितरण से संबंधित प्रक्रियाओं का मूल्यांकन किया जाता है। कर्मचारियों को स्वच्छता के निर्धारित मानकों के बारे में प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित प्रसाद मिल सके।

हनुमानगढ़ी समेत अयोध्या के अन्य धार्मिक स्थलों को भी प्रमाणपत्र

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से पहले अयोध्या के कई अन्य धार्मिक स्थलों को भी ‘भोग’ प्रमाणपत्र मिल चुका है। इनमें हनुमानगढ़ी, देवकाली मंदिर, कनक भवन, जैन मंदिर और गुरुद्वारा नजरबाग शामिल हैं। राम मंदिर को प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही अयोध्या में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों को लेकर धार्मिक स्थलों की पहल को और मजबूती मिली है।

इस प्रमाणन को मंदिर में प्रसाद तैयार करने और वितरित करने की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए जाने वाले प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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