लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता धीरेंद्र शास्त्री की भगवान कृष्ण और भगवान राम के पिता को लेकर की गई कथित विवादास्पद टिप्पणियों पर कड़ी आलोचना करते हुये कहा कि शास्त्री ने यदुवंशियों और रघुवंशियों, दोनों की भावनाओं को आहत किया है और अब उनका न तो ब्रज में स्वागत होगा और न ही अवध में।
अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में शास्त्री का नाम लिए बिना कहा, इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं। अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अब न तो कोई सच्चा रघुवंशी इनका स्वागत करेगा, न सच्चा यदुवंशी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा पर इनकी नाकाबंदी का बोर्ड लगा दिया जाना चाहिए, जिस पर लिखा हो कि 'ईशनिंदा' करने वालों का उत्तर प्रदेश की धर्मभूमि पर प्रवेश वर्जित है।
उन्होंने कहा कि जिसने धर्म-मजहब नहीं छोड़ा, वह अगली बार समुदायों पर छींटाकशी करने से बाज नहीं आएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि समझाने की जरूरत नहीं है कि अगला नंबर किसका है। यादव ने यह भी कहा कि नेपाल सीमा भी बंद करनी पड़ सकती है, क्योंकि वहां से उत्तर प्रदेश में आना ज्यादा नजदीक पड़ेगा।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश में किसी बाहरी व्यक्ति के इशारे पर किसी की राजनीतिक और धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आपसी टकराव में राजनीतिक लोगों को भगवान को बीच में नहीं लाना चाहिए।
उनकी यह प्रतिक्रिया शास्त्री की हिंदू धार्मिक हस्तियों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के कारण जारी विवाद के बीच आई है।
इससे पहले मंगलवार को अखिलेश यादव ने 'एक्स' पर 41 सेकंड का एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, रामजी के पांच पिता थे। यह अजीब है और इसे स्वीकार करना मुश्किल है, लेकिन दुर्भाग्य से यही सच है।
यादव ने मंगलवार को एक अन्य पोस्ट में कहा था, ये सनातन विरोधी किसके कहने पर सक्रिय हैं। पहले भगवान कृष्ण के बारे में विवादित वीडियो आया, अब भगवान राम के पिता के बारे में अभद्रता की बात प्रसारित हो रही है। इसके राजनीतिक आकाओं को ये सब मंजूर होगा, हमें अंश मात्र भी स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में शास्त्री के सभी कार्यक्रम र द्द किए जाने की मांग भी की थी। यादव ने कहा था कि अब सच्चे सनातनी उनकी पर्ची लिखेंगे।