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बेटी खोने के बाद मां ने बेटे के रोजगार की लगायी गुहार

मृतका के पिता को केंद्रीय मंत्री ने सौंपा 10 लाख का चेक

Krishna Das Parth

सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : उत्तर 24 परगना जिले के गाइघाटा में 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की जघन्य घटना के करीब 10 दिन बाद पीड़ित परिवार को राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी। बुधवार को केंद्रीय जहाजरानी राज्य मंत्री एवं बनगांव के सांसद शांतनु ठाकुर ने मृतका के पिता को सहायता राशि का चेक सौंपा। इस मौके पर बनगांव की महकमा शासक प्रगति नटियाल सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। चेक सौंपने के बाद केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पीड़ित परिवार के लिए यह आर्थिक सहायता भेजी गयी है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के बाद सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और इस मुश्किल समय में परिवार को हरसंभव सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद परिवार के लिए अपनी बेटी को खोने का गम कम होना आसान नहीं है। इस दौरान मृतका की मां ने केंद्रीय मंत्री के सामने परिवार की एक और महत्वपूर्ण जरूरत रखते हुए अपने बेटे के रोजगार की व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटी की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। अब उन्हें अपने बेटे के भविष्य की चिंता सता रही है। परिवार चाहता है कि बेटे को कोई रोजगार मिल जाए, ताकि वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके और परिवार की जिम्मेदारी संभाल सके। इस पर केंद्रीय मंत्री ने उचित स्तर पर बातचीत कर उनकी मांग पर विचार कराने का आश्वासन दिया। वहीं, सहायता राशि का चेक प्राप्त करने के दौरान मृतका के पिता भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से परिवार को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इस राशि से उनकी बेटी वापस नहीं आ सकती। उन्होंने बताया कि परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी और बीमारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में बेटी की असामयिक मौत ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

क्या थी पूरी घटना

गौरतलब है कि गत 24 अक्टूबर को गाइघाटा थाना क्षेत्र की रहने वाली 17 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा अपने घर के पास आयोजित एक जलसे में शामिल होने गयी थी। परिवार के मुताबिक, रात करीब 11.30 बजे उसके मोबाइल पर एक फोन आया, जिसके बाद वह कार्यक्रम से बाहर निकल गयी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह एक रिश्तेदार के घर के पास उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। परिवार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किये जाने का आरोप लगाया था।

आरोपी की पुलिस गोलीबारी में हुई थी मौत

इस मामले में पुलिस ने परिवार के एक रिश्तेदार प्रह्लाद दास को गिरफ्तार किया था। बाद में 26 अक्टूबर को घटनास्थल पर अपराध का पुनर्निर्माण कराने के बाद लौटते समय पुलिस के साथ कथित झड़प और हथियार छीनने की कोशिश के दौरान पुलिस की गोली से उसकी मौत हो गयी थी। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने हथियार छीनने की कोशिश की थी और आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। हालांकि, आरोपी की मौत को लेकर भी कई सवाल उठे हैं और इस पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। इधर, राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने के बाद अब परिवार ने बेटे के रोजगार की मांग उठायी है। केंद्रीय मंत्री की ओर से इस संबंध में आश्वासन मिलने के बाद परिवार को उम्मीद है कि उनकी मांग पर भी सकारात्मक पहल होगी।

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