नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में रेकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है। इसके साथ ही बिजली की डिमांड भी रोज-रोज नए रेकॉर्ड बना रही है। गुरुवार को बिजली की अधिकतम मांग लगातार चौथे दिन 270.82 गीगावॉट के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। जानकारों का कहना है कि पारा चढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, एयर कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग बढ़ रही है। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और खपत में आने वाले दिनों में और वृद्धि हो सकती है।
बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग 265.44 गीगावॉट के रेकॉर्ड स्तर पर रही थी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘आज (गुरुवार) लगातार चौथे दिन बिजली की अधिकतम मांग अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। दोपहर 3.45 बजे बिजली की अधिकतम मांग 270.82 गीगावॉट रही। इस मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।’
इससे पहले मंत्रालय ने इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान जताया था। लेकिन गुरुवार को यह इस स्तर के पार पहुंच गई जबकि अभी नौतपा बाकी है। साल के सबसे गर्म 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेंगे। इस अवधि में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जिससे तापमान चरम पर पहुंच जाता है और देश के कई हिस्सों में भीषण लू का प्रकोप रहता है। इस दौरान बिजली की मांग चरम पर पहुंचने की आशंका है।
बिजली मंत्रालय ने यह भी कहा कि देशभर में मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए घर और दफ्तर को ठंडा रखने के लिए कूलर और एसी के बढ़ते उपयोग से मांग में वृद्धि हुई है। गुरुवार की अधिकतम मांग को पूरा करने में थर्मल एनर्जी का योगदान सबसे अधिक 62.8% रहा। इसके अलावा सौर ऊर्जा का योगदान 22%, पवन ऊर्जा का 5%, जल विद्युत का 5.8% रहा। शेष हिस्सेदारी अन्य स्रोतों की रही।
मंत्रालय ने कहा कि थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की उपलब्धता पर्याप्त है और आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले सोमवार से बिजली की अधिकतम मांग 257.37 गीगावॉट तक पहुंच गई थी। वहीं मंगलवार को यह 260.45 गीगावॉट और बुधवार को 265.44 गीगावॉट रही थी। पिछली गर्मियों में जून में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावॉट दर्ज की गई थी, जो सरकार के 277 गीगावॉट के अनुमान से कम रही।