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तीस्ता का रूप विकराल,डर से हुआ बुरा हाल

गजलडोबा के कई गेट खुले, नदी किनारे असुरक्षित इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत; आज फिर बहुत भारी बारिश का अलर्ट पिछली बरसात की तबाही याद कर सहमे लोग, दार्जिलिंग-जलपाईगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल में प्रशासन अलर्ट।

Khodija Khatun (Rabia)

सिलीगुड़ी : तीस्ता का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के बीच गजलडोबा बैराज के कई गेट खुले हैं। नदी का पानी बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने असुरक्षित और बिना तटबंध वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है। अपालचांद से दोमोहोनी तक तिस्ता किनारे बसे इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि बारिश अभी थमी नहीं है। मौसम विभाग ने सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 26 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। जलपाईगुड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा का अलर्ट है। दार्जिलिंग में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी जारी है।

ऐसे में तीस्ता किनारे रहने वाले लोगों की नजर लगातार नदी पर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से निचले और असुरक्षित इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने को कहा गया है। नदी का जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पिछले साल की तस्वीरें फिर सताने लगीं

लोगों को पिछले साल अक्टूबर की वह बारिश याद आ रही है, जब उत्तर बंगाल में लगातार मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग और अलीपुरद्वार समेत कई इलाके प्रभावित हुए थे। सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा था और बड़ी संख्या में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई थीं। उस आपदा में 17 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।

अब तिस्ता का बढ़ता पानी और फिर भारी बारिश का अलर्ट लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले कुछ घंटों में बारिश और तेज हुई तो नदी किनारे के इलाकों में स्थिति कितनी बदल सकती है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोग किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी में हैं।

सिलीगुड़ी : तीस्ता का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के बीच गजलडोबा बैराज के कई गेट खुले हैं। नदी का पानी बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने असुरक्षित और बिना तटबंध वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है। अपालचांद से दोमोहोनी तक तिस्ता किनारे बसे इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि बारिश अभी थमी नहीं है। मौसम विभाग ने सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 26 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। जलपाईगुड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा का अलर्ट है। दार्जिलिंग में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी जारी है।

ऐसे में तीस्ता किनारे रहने वाले लोगों की नजर लगातार नदी पर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से निचले और असुरक्षित इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने को कहा गया है। नदी का जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पिछले साल की तस्वीरें फिर सताने लगीं

लोगों को पिछले साल अक्टूबर की वह बारिश याद आ रही है, जब उत्तर बंगाल में लगातार मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग और अलीपुरद्वार समेत कई इलाके प्रभावित हुए थे। सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा था और बड़ी संख्या में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई थीं। उस आपदा में 17 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।

अब तिस्ता का बढ़ता पानी और फिर भारी बारिश का अलर्ट लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले कुछ घंटों में बारिश और तेज हुई तो नदी किनारे के इलाकों में स्थिति कितनी बदल सकती है। प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है, जबकि नदी किनारे रहने वाले लोग किसी भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी में हैं।

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