मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : शुक्रवार दोपहर अचानक आए भूकंप के तेज़ झटकों से कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई ज़िले दहल उठे। दोपहर 1:22 बजे महसूस किए गए इन झटकों ने शहर को करीब 40–45 सेकंड तक हिलाकर रख दिया। उत्तर से दक्षिण तक ऊंची इमारतें डोलती रहीं और दहशत में लोग घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए।
भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के Satkhira ज़िले के असाशुनी उपजिला में बताया गया है, जो कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। United States Geological Survey के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई और केंद्र जमीन से 9.8 किलोमीटर नीचे था। वहीं, National Center for Seismology ने तीव्रता 5.5 बताई है
नबन्ना से लेकर बाज़ारों तक मची अफरा-तफरी
राज्य की मुख्य प्रशासनिक इमारत Nabanna से कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। कई कार्यालयों में काम कर रहे लोग सीढ़ियों से नीचे उतरते देखे गए। कुछ लोगों को पहले चक्कर आने का आभास हुआ, लेकिन जब इमारतें हिलने लगीं तो अफरा-तफरी मच गई। दुकानों और बाज़ारों में भी हड़कंप की स्थिति रही। स्थानीय लोगों का दावा है कि शहर के कुछ पुराने मकानों में दरारें आई हैं या वे हल्के झुक गए हैं। नगर निगम ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।
कई जिलों में महसूस हुए झटके
भूकंप का असर केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण बंगाल के मिदनापुर, झारग्राम, हावड़ा, हुगली और उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों में भी तेज़ झटके महसूस किए गए। नादिया और मुर्शिदाबाद में हल्के कंपन की खबर है।
मिदनापुर में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के कर्मचारी दफ्तर से बाहर आ गए। घरों में पंखे और लटकती वस्तुएं देर तक हिलती रहीं। झारग्राम, हावड़ा और हुगली में भी लोग सड़कों पर निकल आए। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें तथा आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।