टॉप न्यूज़

आरजी कर कांड जैसी नृशंसता, किशोरी से दुष्कर्म और हत्या में सामने आई समानता

KD Parth

ईंट से सिर और चेहरे पर वार, गला दबाने के साथ तोड़ी गई गर्दन की हड्डी

बैरकपुर :

उत्तर 24 परगना जिले में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म और हत्या की जघन्य वारदात में जांचकर्ताओं को आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या कांड से कई समानताएं मिली हैं। दोनों मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन करने वाले राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किशोरी के साथ भी जिस बर्बरता से अपराध को अंजाम दिया गया, वह आरजी कर कांड की याद दिलाता है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी के सिर और चेहरे पर ईंट से कई बार वार किया गया था। इसके अलावा गला दबाने के साथ ईंट से गर्दन की हड्डी भी तोड़ दी गई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, किशोरी को पहले जमीन पर गिराकर ईंट पर सिर पटक-पटककर चोट पहुंचाई गई। इसके बाद उसके अचेत हो जाने पर दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि कुछ देर बाद जब आरोपी ने उसे हिलते-डुलते देखा तो उस पर दोबारा हमला किया। गला दबाने के अलावा चेहरे पर भी ईंट से प्रहार किया गया। जिले की पुलिस अधीक्षक विदिशा कलिता दासगुप्ता ने भी घटना को बेहद नृशंस बताते हुए किशोरी के साथ दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि की है।

बदले की भावना से वारदात को दिया अंजाम

पुलिस की जांच में वारदात के पीछे बदले की भावना को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपी प्रह्लाद किशोरी की बड़ी बहन को भी परेशान करता था। इस बात को लेकर परिवार और आसपास के लोगों ने उसे फटकार लगाई थी। इसके अलावा कुछ महीने पहले प्रह्लाद की मां घर में आंशिक रूप से झुलस गई थीं। इस घटना को लेकर भी प्रह्लाद को असहज सवालों और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ा था। पुलिस का दावा है कि इसी आक्रोश में उसने किशोरी को सबक सिखाने के इरादे से शनिवार रात इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, प्रह्लाद की मां रेखा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके बेटे को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।

पुलिस मुठभेड़ की न्यायिक जांच शुरू

इस मामले में आरोपी प्रह्लाद की पुलिस मुठभेड़ में मौत को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि सोमवार रात उसने एक पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीनकर तीन गोलियां चलाई थीं। इनमें से एक गोली पुलिस वाहन के शीशे में लगी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने चार राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से तीन गोलियां प्रह्लाद को लगीं, जिनमें दो सीने और एक बायीं जांघ में लगी थी। बारासात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रह्लाद के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। घटना को लेकर न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी इसकी सूचना दी गई है। पुलिस ने प्रह्लाद के खिलाफ सरकारी हथियार छीनने, पुलिस पर हमला करने, हत्या के प्रयास और भागने की कोशिश समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। उधर, मृत किशोरी की मां ने कहा कि जिस तरह उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या की गई, उसके लिए उन्हें उचित न्याय मिला है।
SCROLL FOR NEXT