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'वंदे मातरम' पर योगी सख्त, सभी विद्यालयों में किया अनिवार्य

गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने की घोषणा

Narendra Kumar Singh

गोरखपुरः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी विद्यालयों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य किए जाने का ऐलान किया है। गोरखपुर में सोमवार को 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय और हर शिक्षण संस्थान में हम इसका गायन अनिवार्य करेंगे।"

'वंदे मातरम' के विरोध का कोई औचित्य नहीं

योगी ने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश के हर नागरिक के मन में भारत माता के प्रति, अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो सकेगा। आदित्यनाथ ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, "कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब हो जाता है। उनकी व्यक्तिगत निष्ठा महत्वपूर्ण हो जाती है। वंदे मातरम के विरोध का कोई औचित्य नहीं है।"

'वंदे मातरम' के खिलाफ विषवमन हो रहा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा, "वंदे मातरम के खिलाफ विषवमन हो रहा है। जिस कांग्रेस के अधिवेशन में 1896-97 में स्वयं गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने पूरे वंदे मातरम गायन को सुनाया था और 1896 से लेकर 1922 तक कांग्रेस के हर अधिवेशन में वंदे मातरम का गायन होता था लेकिन 1923 में जब मोहम्मद अली जौहर कांग्रेस के अध्यक्ष बने तो वंदे मातरम का गायन शुरू होते ही वह उठकर चले गए। उन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। वंदे मातरम का इस प्रकार का विरोध भारत के विभाजन का दुर्भाग्यपूर्ण कारण बना था।"

वंदे मातरम के माध्यम से भारत की राष्ट्रीयता का सम्मान

आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने अगर उस समय मोहम्मद अली जौहर को अध्यक्ष पद से बेदखल करके वंदे मातरम के माध्यम से भारत की राष्ट्रीयता का सम्मान किया होता तो भारत का विभाजन नहीं होता। उन्होंने दावा किया, "बाद में कांग्रेस ने वंदे मातरम में संशोधन करने के लिए एक कमेटी बनाई। 1937 में रिपोर्ट आई और कांग्रेस ने कहा कि इसमें कुछ ऐसे शब्द हैं जो भारत माता को दुर्गा के रूप में, लक्ष्मी के रूप में, सरस्वती के रूप में प्रस्तुत करते हैं, इनको संशोधित कर दिया जाए।"

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