नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ीं गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो' का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रदर्शनी का उद्घटान करने के बाद प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही स्टार्टअप कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में शामिल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
यह एक्सपो देश में उभरती एआई पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इसमें 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप भाग ले रहे हैं। साथ ही 13 देशों के मंडप भी स्थापित किए गए हैं, जो एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करते हैं।
इस प्रदर्शनी में वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान एवं शोध संगठन, केंद्र एवं राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं।
यह आयोजन एआई के क्षेत्र में नवाचार, निवेश और सहयोग के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन
दुनिया का सबसे बड़ा एआई शिखर सम्मेलन सोमवार को भरी भीड़ और लंबी कतारों के बीच शुरू हुआ। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में प्रौद्योगिकी और उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता, संस्थापक और विशेषज्ञ शामिल होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में सम्मेलन के प्रतिनिधियों, वक्ताओं और मेहमानों के स्वागत के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं।
सम्मेलन के सुबह साढ़े नौ बजे से काफी पहले ही भारत मंडपम के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जो इस विषय और सम्मेलन में लोगों की गहरी रुचि को दर्शाता है। वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दारियो अमोडेई के सत्र बुधवार से पहले शुरू नहीं होंगे। शिखर सम्मेलन के अंतिम दो दिन 19 और 20 फरवरी को दुनिया के 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख हिस्सा लेंगे।