कोलकाता : उच्च शिक्षा संस्थानों में ट्रेड यूनियन की गतिविधियों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने ट्रेड यूनियन को ‘व्याधि’ बताते हुए स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में इसे किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जाएगा। मंगलवार को कुलपतियों के साथ आयोजित दो दिवसीय विशेष कार्यशाला के समापन के बाद उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का माहौल किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
मंत्री ने सभी कुलपतियों को नियमित कक्षाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कुलपति संस्थागत स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करें। सूत्रों के अनुसार, कार्यशाला में मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों के साथ उससे पहले के 34 वर्षों में भी शिक्षण संस्थानों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में मिली शिकायतों की जांच की जा रही है।
जगन्नाथ ने कहा कि 200-300 किलोमीटर दूर से आने का हवाला देकर शिक्षक नियमित कक्षाओं से बच नहीं सकते। कोविड के बाद कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नियमित कक्षाएं नहीं होने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों और संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
निजी शिक्षण संस्थानों को भी चेतावनी देते हुए मंत्री ने कहा कि उन्हें ‘शिक्षा की दुकान’ नहीं बनने दिया जाएगा। किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेकर जांच की जाएगी।
कार्यशाला में एनआईआरएफ मानकों के अनुरूप संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने, ‘स्वयं’ पोर्टल के इस्तेमाल, गुणवत्तापूर्ण शोध, उद्योग-अकादमिक साझेदारी और अंतरविषयक शिक्षा पर भी जोर दिया गया।