सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : बम्बूफ्लैट जेटी क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय बड़ा जन आंदोलन देखने को मिला, जब बम्बूफ्लैट और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने लंबे समय से लंबित फेरी और जेटी संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब सात बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में पुरुषों, महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों, मरीजों और श्रमिकों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिससे जन असंतोष की व्यापकता स्पष्ट हुई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चैथम पीएस के निकट नवनिर्मित वाहन फेरी जेटी को शीघ्र चालू करने की मांग की। उनका आरोप था कि सफल ट्रायल के बावजूद यह जेटी वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है, जिससे यात्रियों को खराब मौसम में लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। वक्ताओं ने कहा कि इस समस्या का सबसे अधिक असर गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों, मछुआरों, बुजुर्ग महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, छात्रों और नियमित इलाज, विशेषकर डायलिसिस कराने वाले मरीजों पर पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान फेरी वाहनों की आवाजाही रोकी गई और वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की गई। बाद में उप मंडलीय प्रशासन, शिपिंग सेवा निदेशालय, पोर्ट प्रबंधन बोर्ड सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि ट्रायल के दौरान जेटी की स्थिरता और कुछ आवश्यक फिटिंग्स की कमी जैसी सुरक्षा चिंताएं सामने आई थीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। कई घंटों की वार्ता के बाद 15 से 20 दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया।