सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दक्षिण कोलकाता का बालीगंज विधानसभा क्षेत्र ऐसा है जहां ज्यादातर एडुकेटेड अर्बन वोटर्स हैं। ऐसे वोटर्स खुलकर नहीं बोलते, किसी विशेष राजनीतिक बहस में भी नहीं पड़ते बल्कि खामोशी से वोटिंग में फैसला लेते हैं। इस बार पर भी बालीगंज का पैटर्न ज्यादातर क्षेत्रों में ऐसा ही दिख रहा है। अमूमन राजनीति में चुप्पी कई संकेत दे सकती है। मौजूदा नेतृत्व के प्रति संतोष है या फिर “वोट से जवाब देंगे” वाली मानसिकता भी हाे सकती है। बहरहाल, बालीगंज की जनता की खामोशी के संकेत क्या हैं, यह तो 4 मई को परिणाम आने के बाद ही पता चल पायेगा। यहां से तृणमूल उम्मीदवार हैं शोभनदेव चट्टोपाध्याय, भाजपा से डॉ. सतरूपा, कांग्रेस से रोहन मित्रा और माकपा से आफरीन बेगम।
तृणमूल उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने यह कहा
शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि ममता बनर्जी ने जब जहां से मुझे टिकट देकर उम्मीदवार बनाया है, मैं चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस बार भी मैं बालीगंज से जीत के प्रति सौ प्रतिशत आश्वस्त हूं। रही बात पेयजल और जलजमाव की समस्या की तो छोटी-छोटी समस्या हर जगह ही रहती है। यहां सभी पार्षदों ने काफी काम किया है। वहीं कोलकाता बहुत पुराना शहर है। मैं अन्य पार्टी के उम्मीदवारों को लेकर कुछ नहीं कहना चाहता हूं, मुझे बालीगंज की जनता पर पूरा भरोसा है। यहां तृणमूल की जीत होगी।
BJP की उम्मीदवार डॉ. सतरूपा ने यह कहा
डॉ. सतरूपा ने कहा कि मैं किसी भी युद्ध को आसान नहीं मानती हूं, तृणमूल के उम्मीदवार पर कुछ नहीं कहना है, मेरी लड़ाई उनके सिंबल से है जो पूरी तरह से कालिमायुक्त है। यूं कहूं कि पूरी दाल ही काली है। मैं यहां की जनता से कहना चाहती हूं कि मैं बालीगंज की बेटी हूं, मुझे उम्मीद है कि इस बार जनता मुझे स्वीकार करेगी। मैं बालीगंज के लोगों से निवेदन करती हूं कि एक बार मौका दें। बस्ती के कई क्षेत्रों में ड्रिंकिंग वॉटर की समस्या है। बिड़ला मंदिर के समक्ष जलजमाव की समस्या है। जनता मुझे आशीर्वाद देती है तो मैं इन सारी समस्याओं को दूर करूंगी।
30% हिन्दीभाषी वोटर्स बन सकते हैं किंगमेकर
बालीगंज के सभी वार्डों में ही थोड़े बहुत हिन्दीभाषी हैं। खासकर वार्ड नंबर 64, 65, 69, 85 इन वार्डों में अधिक संख्या में हिन्दीभाषी हैं। बालीगंज पार्क रोड, बालीगंज प्लेस, मेफेयर रोड इन सभी जगहों पर हाईराइज हैं जहां अन्य भाषा भाषियों के साथ ही बिहार, यूपी, गुजराती सहित भारी संख्या में लोग बरसों से रहते हैं। हालांकि बालीगंज में उर्दू तथा बांग्ला भाषियों की संख्या भी उल्लेखनीय है। वहीं प्याराबागान, तिलजला, पार्क सर्कस के कुछ हिस्सों में भी कुछ हिन्दी भाषी हैं।
मुख्य मुद्दा
कई इलाकों में सड़क मरम्मत की आवश्यकता है।
पिछला रिकॉर्ड
2021 विधानसभा चुनाव : तृणमूल के सुब्रत मुखर्जी ने 106,585 वोट हासिल किये थे।
2022 उपचुनाव : तृणमूल के बाबुल सुप्रियो ने माकपा की सायरा शाह हलीम को 20,228 वोटों के अंतर से हराया।
वोटर्स ने कहा, 29 अप्रैल को लगायेंगे मुहर
वोटर्स ने कहा कि हमें ऐसा विधायक चाहिए जो हमारी समस्याओं को समझने के लिए हमारे बीच हो। हम किसी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लेंगे, हम 29 अप्रैल को अपना फैसला देंगे।