नई दिल्ली: लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर पेलेट गन, आंसू गैस, लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल क्यों किया गया।
प्रियंका गांधी ने सदन में कहा, "उन छात्रों पर आंसू गैस छोड़ने की क्या जरूरत थी? उन पर लाठियां बरसाने की क्या जरूरत थी? युवतियों के कपड़े फाड़कर उन्हें पीटने की क्या जरूरत थी? देश के युवाओं पर पेलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल क्यों किया गया? क्या वे आतंकवादी थे?"
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगते हुए कहा, "पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या यह आदेश प्रधानमंत्री ने दिया था या गृह मंत्री ने? इसका जवाब पूरे देश को चाहिए।"
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इस घटना के बाद आंदोलन देश के कई अन्य शहरों तक फैल गया था।
छात्रों का आंदोलन NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर था। प्रदर्शनकारी तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में उनके इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।