निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच एक नया मामला सामने आया है जिसमें धोखेबाजों ने एक राजनीतिक हस्ती के नाम का इस्तेमाल कर पैसे ठगने की कोशिश की है। इस बार, पश्चिम बंगाल हैम रेडियो (वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब) के सचिव अंबरीष नाग विश्वास को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। अंबरीष नाग विश्वास ने बताया कि मंगलवार की शाम उन्हें उनके वॉट्सएप पर एक नंबर +91 70057 68938 से संदेश प्राप्त हुए। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस नंबर की वॉट्सएप प्रोफाइल पर ''MLA Ramapada Jamatia'' (विधायक रामपद जमातिया) का नाम और उनकी तस्वीर लगी हुई थी। बता दें कि रामपद जमातिया त्रिपुरा के एक वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री हैं।
धोखाधड़ी का तरीका
अंबरीष नाग विश्वास ने बताया कि चूंकि उनके काम के सिलसिले में उन्हें कई लोगों के मैसेज आते हैंं। उन्हीं मैसेज में से एक यह मैसेज था जिसमें धोखेबाज ने विधायक बनकर बातचीत शुरू की थी। शुरुआत में, धोखेबाज ने "Hii" और फिर "Needd same help please" (कृपया कुछ मदद चाहिए) का संदेश भेजा। जब सामने से "Please tell me" (कृपया बताएं) का जवाब मिला, तो धोखेबाज ने एक पेचीदा कहानी रची। उसने दावा किया कि "There is Will be 65k in your account now will do return 2 hours ago. My upi is not working properly" (आपके खाते में अभी 65 हजार होंगे, मैं 2 घंटे में वापस कर दूंगा. मेरा यूपीआई ठीक से काम नहीं कर रहा है). यह एक क्लासिक धोखाधड़ी का तरीका है, जहाँ पहले पैसे पाने का दावा किया जाता है और फिर यूपीआई खराब होने का बहाना बनाकर पैसे भेजने को कहा जाता है।
सतर्कता से हुआ बचाव
हालांकि, अंबरीष नाग विश्वास ने सतर्कता दिखाई। उन्होंने तुरंत पैसे भेजने के बजाय, संदिग्ध से भुगतान का सबूत मांगा। चैट में उन्होंने लिखा "Payment screenshot please" (कृपया भुगतान का स्क्रीनशॉट दें)। "Your account details please" (कृपया अपने खाते का विवरण दें), "Your name please" (कृपया अपना नाम बताएं)। इस सतर्क प्रतिक्रिया ने संभावित वित्तीय धोखाधड़ी को रोक दिया, क्योंकि धोखेबाज संभवतः कोई प्रमाण देने में असमर्थ था। अंबरीष ने बताया कि त्वरित सोच और सतर्कता ने उन्हें नुकसान से बचा लिया। हालांकि इसके बाद उन्हाेंने अपनी इस जिम्मेदारी को समझते हुए विधायक के पीए से संपर्क किया और इस धोखाधड़ी के प्रयास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गंभीर समस्या है। विधायक की ओर से उन्हें जानकारी दी गयी कि वे इस बाबत प्रशासन को सूचित कर चुके हैं।