निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: हावड़ा स्थित केलाबगान इलाके में एमएसएमई (MSME) क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने और वैश्विक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के लिए "एनहेंसिंग प्रोडक्टिविटी एंड ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस ऑफ एमएसएमईज़" विषय पर एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन 'फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम इंडस्ट्रीज, वेस्ट बंगाल' द्वारा केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में भारत और विदेशों के उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। ताइवान टेक्निकल टेक्स्टाइल एसोसिएशन के उप महासचिव डॉ. हावर्ड लो, इंडोनेशिया की सुल्तान इस्लामिक यूनिवर्सिटी की प्रो. डॉ. मिसबाह जुला एलिजाबेथ और वियतनाम नेशनल यूनिवर्सिटी के डॉ. नांग ट्रान जैसे प्रमुख वक्ताओं ने एमएसएमई में नई तकनीक, कौशल विकास, निर्यात के अवसर और सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन में शामिल हुईं उद्योग, वाणिज्य और उपभोक्ता मामलों की राज्य मंत्री मोमिता बिस्वास मिश्रा ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में राज्य में उद्योगों का विकास बाधित हुआ है, लेकिन अब सरकार बंगाल के औद्योगिक गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उलूबेड़िया के शटलकॉक उद्योग जैसे बंद हो रहे लघु उद्योगों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। राज्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार एक महीने के भीतर उद्योग-अनुकूल 'नई औद्योगिक नीति' जारी करेगी, जिससे उद्यमी बिना किसी भय के अपने उद्योग स्थापित कर सकेंगे।