निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ सूचना एवं संस्कृति तथा पर्यटन विभाग की मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने किया। वेबसाइट https://damica.wb.gov.in के माध्यम से राज्य की ऐतिहासिक धरोहर, संरक्षित स्मारक, पुरातात्विक स्थल, संग्रहालय और प्राचीन कलाकृतियों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। वेबसाइट में धरोहर, संरक्षण, पुरातात्विक स्थल, संग्रहालय और कलाकृतियां जैसे अलग-अलग खंड बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल के 111 राज्य-संरक्षित स्मारकों को अंतःक्रियात्मक मानचित्र के माध्यम से देखा जा सकेगा। वेबसाइट को आधुनिक वेब मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और इसे मोबाइल के अनुकूल भी बनाया गया है। इसमें धरोहर स्थलों की तस्वीरों और विस्तृत जानकारी के लिए एक अलग चित्र दीर्घा भी है।
मंत्री बोलीं- धरोहर को पर्यटन से जोड़ना लक्ष्य
मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार ने बंगाल की धरोहर पर ध्यान देने के बजाय ‘मेला, खेला’ पर ध्यान दिया। भाजपा की सरकार बंगाल के कोने-कोने के इतिहास को पर्यटन से जोड़ रही है और इसे पूरे विश्व तक पहुंचा रही है। हमारा लक्ष्य है कि बंगाल में धरोहरों की यात्रा करने वालों के लिए समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इस मौके पर कलकत्ता विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग की प्रमुख प्रोफेसर दुर्गा बसु ने ऐतिहासिक धरोहरों के पुनरुद्धार कार्य में अनुभवी पुरातत्वविदों को ही लगाने का अनुरोध किया। रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय की विभागीय अध्यक्ष डॉ. बैशाखी मित्रा ने जोड़ासांको स्थित रामभवन के पुनरुद्धार की अपील की। कार्यक्रम में पुरातत्व विभाग के निदेशक अम्लान ज्योति सरकार, संयुक्त निदेशक काजल भट्टाचार्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।