केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने राज्य में चुनावी प्रचार और गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रैलियों, जनसभाओं, रोड शो और स्टार प्रचारकों के कार्यक्रमों के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को पहले से अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी। साथ ही प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों, खर्च और मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किया जा सके।
प्रचार कार्यक्रमों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य
चुनाव आयोग के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को जनसभा, जुलूस, रोड शो या अन्य चुनावी कार्यक्रम आयोजित करने से पहले जिला प्रशासन और पुलिस से अनुमति लेना जरूरी होगा। यह अनुमति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ली जा सकती है।
कई विभागों से लेनी होगी एनओसी
प्रचार कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बिजली विभाग, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभागों से भी आवश्यक एनओसी (No Objection Certificate) लेना होगा। खासकर धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी कार्यक्रम के लिए विशेष सावधानी बरतने और पूर्व अनुमति लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रचार में वाहनों के उपयोग पर सख्ती
प्रचार के दौरान वाहनों के इस्तेमाल पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बिना अनुमति किसी भी वाहन, विशेष रूप से बाइक या निजी वाहनों को चुनावी रैली में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यवेक्षकों की बड़ी तैनाती
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए राज्य में बड़ी संख्या में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। जानकारी के अनुसार लगभग 160 सामान्य पर्यवेक्षक और 37 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय पर्यवेक्षक भी नियुक्त होंगे।
संवेदनशील बूथों पर सीसीटीवी और वेबकास्टिंग
चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि मतदान प्रक्रिया पर 360 डिग्री निगरानी रखी जा सके।
शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
आयोग ने कहा है कि आचार संहिता के उल्लंघन या किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आयोग का लक्ष्य राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना है।