केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य भर में बड़े पैमाने पर नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य वस्तुओं की जब्ती की गई है, वहीं मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघनों पर भी सख्त कार्रवाई जारी है।
हर गतिविधि पर नजर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पश्चिम बंगाल के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। चुनाव आयोग पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
388 करोड़ से ज्यादा की जब्ती
राज्य में अब तक कुल 388.07 करोड़ रुपये मूल्य की जब्ती की गई है। इसमें 17.22 करोड़ नकद, 71.83 करोड़ की शराब, 86.01 करोड़ की ड्रग्स/नारकोटिक्स, 45.86 करोड़ के कीमती धातु, 167.13 करोड़ के फ्रीबीज और अन्य सामान शामिल हैं। यह कार्रवाई चुनाव में धनबल और प्रभाव को रोकने के लिए की जा रही है।
सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर रणनीति लागू
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत 301 अवैध हथियार जब्त करने के साथ ही 497 कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किये गये हैं। इसके अलावा 1030 बम बरामद किये गये जबकि 52,869 लाइसेंसी हथियारों में से 41,361 जमा कराये गये। यह कदम संभावित हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए हैं।
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट पर सख्ती
राज्य भर में अवैध राजनीतिक विज्ञापनों और दीवारों पर लिखे गए प्रचार को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। 13.88 लाख से अधिक सार्वजनिक संपत्तियों से पोस्टर/लेखन हटाया गया। 1.87 लाख निजी संपत्तियों से भी हटाया गया।
कुल 16.07 लाख से ज्यादा मामलों में कार्रवाई दर्ज
जिलावार कार्रवाई में कई जिलों में बड़ा आंकड़ा
नॉर्थ 24 परगना, कोलकाता नॉर्थ, पश्चिम बर्दवान और पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि चुनाव आयोग हर जिले में सख्ती से नियम लागू कर रहा है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग प्रतिबद्ध
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।