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बंगाल में काउंटिंग की तैयारी पूरी, 87 स्ट्रॉन्ग रूम तय

EVM सुरक्षा पर सख्ती, दो-स्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू चुनाव आयोग अलर्ट, राज्यभर में काउंटिंग सेंटर फाइनल

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने अंतिम तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्यभर में EVM की सुरक्षा और काउंटिंग प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए 87 स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर तय कर लिए गए हैं। आयोग सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

87 स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर तैयार

चुनाव आयोग ने राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए 87 स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर तय किए हैं। इन्हें दो स्तरों में बांटा गया है जिनमें 44 जिला मुख्यालय और 43 सब-डिविजन मुख्यालय। इन सभी जगहों पर वोटिंग के बाद EVM को सुरक्षित रखा जाएगा और यहीं मतगणना भी होगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

EVM की सुरक्षा को लेकर आयोग ने सख्त व्यवस्था लागू की है। हर स्ट्रॉन्ग रूम पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। 24 घंटे CCTV निगरानी सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढील नहीं देने का निर्देश है। आयोग ने साफ किया है कि EVM की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

कोलकाता में अलग-अलग काउंटिंग जोन

कोलकाता में काउंटिंग सेंटर्स को नॉर्थ और साउथ जोन में बांटा गया है।

नॉर्थ कोलकाता : नेताजी इंडोर स्टेडियम में मतगणना

साउथ कोलकाता : बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा यूनिवर्सिटी, बालीगंज गवर्नमेंट हाई स्कूल, गीतांजलि स्टेडियम और सेंट थॉमस बॉयज स्कूल। अलीपुर के हेस्टिंग्स हाउस कॉम्प्लेक्स में भी कई सेंटर बनाए गए हैं।

बड़े जिलों में कई केंद्र

साउथ 24 परगना में सबसे अधिक काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें जादवपुर का APC रॉय पॉलिटेक्निक, डायमंड हार्बर विमेंस यूनिवर्सिटी और काकद्वीप का सुंदरबन महाविद्यालय प्रमुख हैं। मुर्शिदाबाद में भी पांच अलग-अलग स्थानों पर मतगणना होगी, जैसे बहरमपुर गर्ल्स कॉलेज, जंगीपुर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक और कंडी राज कॉलेज।

उत्तर बंगाल में भी व्यापक व्यवस्था

जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कूचबिहार, दार्जिलिंग और कलिम्पोंग समेत उत्तर बंगाल के सभी जिलों में अलग-अलग काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, दक्षिण बंगाल में पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के कई शैक्षणिक संस्थानों को काउंटिंग सेंटर के रूप में चुना गया है।

दो-स्तरीय लॉक सिस्टम लागू

स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए दो-लेवल लॉक सिस्टम लागू किया गया है। एक चाबी जिला मजिस्ट्रेट के पास रहेगी और दूसरी चाबी संबंधित उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि के पास होगी। साथ ही, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को काउंटिंग शुरू होने तक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर निगरानी की अनुमति होगी।

EVM सुरक्षा पर सियासत तेज

EVM की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस भी तेज हो गई है। BJP ने पूरी सुरक्षा केंद्रीय बलों को सौंपने की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस ने पारदर्शिता बनाए रखने में अपने प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया है।

आगे और गाइडलाइंस जल्द

चुनाव आयोग का फोकस अब आगामी चरणों की वोटिंग को बिना विवाद के संपन्न कराने पर है। सूत्रों के मुताबिक, काउंटिंग प्रक्रिया और सुरक्षा को लेकर जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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