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हर 10 बूथ पर क्यूआरटी तैनात, कैमरों से होगी निगरानी

100 प्रतिशत संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी, आयोग सख्त वेबकास्टिंग और केंद्रीय बलों के बीच होगा चुनाव

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विधानसभा चुनाव 2026 को निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण बनाने के लिए चुनाव आयोग ने इस बार अभूतपूर्व तैयारी की है। राज्य के 100 प्रतिशत बूथों को संवेदनशील मानते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। हर स्तर पर सुरक्षा, तकनीक और प्रशासनिक सख्ती के जरिए चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

100% बूथों को संवेदनशील मानकर सख्त निगरानी

चुनाव आयोग ने इस बार सभी बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इनमें कई बूथ ऐसे भी हैं जिन्हें ‘अति संवेदनशील’ और ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

हर 10 बूथ पर क्यूआरटी, कैमरों से होगी निगरानी

सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर 10 बूथों पर एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती की गई है। इन टीमों की गाड़ियों पर कैमरे लगाए गए हैं, जिससे किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई के साथ-साथ रिकॉर्डिंग भी हो सके। यह कदम चुनाव के दौरान पारदर्शिता और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगा।

100% वेबकास्टिंग से हर गतिविधि पर नजर

चुनाव आयोग इस बार 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग के जरिए हर बूथ की लाइव निगरानी करेगा। सभी इलाकों की गतिविधियों को सर्वर पर कैप्चर किया जा रहा है, जिससे किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत नजर रखी जा सके। यह तकनीकी पहल चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगी।

केंद्रीय बलों की पहले से तैनाती, इलाकों में फ्लैग मार्च

केंद्रीय सुरक्षा बलों ने चुनाव से पहले ही कई संवेदनशील इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन के जरिए मतदाताओं में विश्वास पैदा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि वे बिना किसी डर के मतदान कर सकें।

सीईओ मनोज अग्रवाल का सख्त संदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बीरभूम दौरे के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस से बाहर कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी को नियमों का सख्ती से पालन करने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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