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बंगाल बजट 2026 : परिवहन क्षेत्र के राजस्व में उछाल, सुरक्षा पर जोर

'सुविधा' पोर्टल से बदली अंतरराष्ट्रीय व्यापार की तस्वीर

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जारी नवीनतम बजट आंकड़ों के अनुसार, राज्य का परिवहन विभाग अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर 2025 तक मोटर वाहनों से कुल 2,922.43 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया गया है। यह आंकड़ा राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है, जबकि 2010-11 में यह संग्रह मात्र 936.01 करोड़ रुपये था।

सुरक्षा के लिए VLTS और 'यात्री साथी' का विस्तार

महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 'व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम' (VLTS) को कड़ाई से लागू किया है। नवंबर 2025 तक राज्य में कुल 1,78,973 वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाए जा चुके हैं। वहीं, ऐप-कैब क्षेत्र में सरकारी पहल 'यात्री साथी' ने निजी कंपनियों को कड़ी टक्कर दी है। इस पोर्टल पर अब तक 1.26 लाख से अधिक ड्राइवर पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित सेवा मिल रही है। वहीं भारत-बांग्लादेश सीमा पर वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए 'सुविधा' और 'उत्तर सुविधा' पोर्टल गेम-चेंजर साबित हुए हैं। पेट्रापोल, हिली और चेंगराबांधा जैसे चेक-पोस्टों पर ट्रकों की त्वरित क्लीयरेंस सुनिश्चित की गई है। नवंबर 2025 तक 2.32 लाख से अधिक वाहनों ने सुविधा पोर्टल का उपयोग किया, जिससे 151.12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

जलधारा योजना से मिल रहा लाभ, 225 नयी सीएनजी बसों की मिलेगी सेवा

ग्रामीण जल परिवहन को सुरक्षित बनाने के लिए 'जलधारा' योजना के तहत 'भुटभुटियों' (देशीय नावों) को मशीनीकृत नावों में बदला जा रहा है। अब तक 119 ऐसी नावें शुरू की गई हैं और 279 फेरी घाटों पर 549 'जलसाथी' तैनात किए गए हैं। सड़क सुरक्षा के मोर्चे पर भी राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संयुक्त प्रयासों के कारण 2015 की तुलना में 2024 तक सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदूषण कम करने की दिशा में सरकार ने 15 साल से पुराने 2.04 लाख वाहनों को डी-रजिस्टर कर दिया है। राज्य में अब तक 1.66 लाख वाहनों का रेट्रोफिटमेंट (CNG/LPG किट) किया गया है। परिवहन विभाग ने 120 इलेक्ट्रिक बसें पहले ही सड़क पर उतार दी हैं और 225 नई सीएनजी बसों की खरीद प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न डिपो में 84 ईवी चार्जर लगाए गए हैं, जो बंगाल को 'ग्रीन मोबिलिटी' की ओर ले जा रहे हैं।

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