केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में ‘निर्माण शक्ति’ को विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए सड़क, पुल, बंदरगाह, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन का आधार बनेगा। बजट में राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने की स्पष्ट रूपरेखा पेश की गई है।
1. न्यू टाउन–चिंगड़ीघाटा एलिवेटेड कॉरिडोर
-यातायात दबाव कम करने के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-न्यू टाउन और कोलकाता के बीच तेज संपर्क सुनिश्चित होगा।
2. डानकुनी–मोगरा रोड कॉरिडोर
-35 किमी लंबी परियोजना के लिए 1,850 करोड़ रुपये ।
-औद्योगिक परिवहन और माल ढुलाई को गति मिलेगी।
3. कालना–शांतिपुर भागीरथी मेजर ब्रिज
1,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण।
नदिया और पूर्व बर्दवान के बीच संपर्क मजबूत होगा।
4. मयूराक्षी नदी पर फोर-लेन पुल
-बीरभूम में निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपये ।
-क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
5. पूर्व मेदिनीपुर में डीप सी पोर्ट
- समुद्री व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए नई परियोजना।
-रोजगार सृजन की नई संभावनाएं खुलेंगी।
6. जलमार्ग और जेटी विकास
- भागीरथी और हुगली तट पर सुविधाओं के लिए 100 करोड़ रुपये।
- सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा।
7. डानकुनी बनेगा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब
-सड़क, रेल और बंदरगाह नेटवर्क का एकीकरण।
-पूर्वी भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना।
8. SASCI और पूर्वोदय योजनाओं पर फोकस
- केंद्र से 10,000 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त करने का लक्ष्य।
-औद्योगिक कॉरिडोर, पर्यटन और मैन्युफैक्चरिंग हब के विस्तार पर जोर।