केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कितने चरणों में होंगे, यह अब केंद्रीय सुरक्षा बलों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय ने एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय बलों की संख्या और संवेदनशील बूथों की सूची मिलने के बाद ही होगा।
एक चरण के लिए 2,000 कंपनियों की जरूरत
CEO कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले अनुभव के आधार पर एक चरण में मतदान कराने के लिए केंद्रीय बलों की करीब 2,000 कंपनियों की आवश्यकता पड़ सकती है। 2021 में 1,100 कंपनियां तैनात थीं और सात चरणों में मतदान हुआ था। इस बार राज्य पुलिस भी 35,000 जवान उपलब्ध कराएगी।
तीन चरणों के विकल्प पर भी विचार
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक चर्चा में आयोग तीन चरणों के विकल्प पर भी विचार कर रहा है—एक चरण उत्तर बंगाल और दो चरण दक्षिण बंगाल में। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। केंद्रीय बलों की उपलब्धता पर ही निर्णय निर्भर करेगा।
संवेदनशील बूथों की पहचान जारी
आयोग ने सभी जिलों को संवेदनशील और जोखिम वाले बूथों की पहचान के निर्देश दिए हैं। कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद, दक्षिण व उत्तर 24 परगना, मालदह और बीरभूम पर विशेष नजर है। जिलाधिकारी साप्ताहिक लॉ एंड ऑर्डर रिपोर्ट दिल्ली भेज रहे हैं।