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WBJEEB पहली बार कराएगा BTech की डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग

नई काउंसलिंग के नियमों पर JU-CU प्रोफेसरों ने उठाए सवाल

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : वेस्ट बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन बोर्ड (WBJEEB) ने पहली बार BTech की खाली सीटों को भरने के लिए एक कॉमन ऑनलाइन डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग शुरू करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। इससे पहले खाली सीटों को भरने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित यूनिवर्सिटीज खुद संभालती थीं। बोर्ड का यह नया सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म एक पारदर्शी, मेरिट-बेस्ड और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड सिस्टम के तहत काम करेगा ताकि एडमिशन प्रक्रिया में पूरी तरह निष्पक्षता बनी रहे।

BTech काउंसलिंग नियमों पर छात्रों की चिंता

नोटिस के मुताबिक जिन कैंडिडेट्स ने WBJEE की सेंट्रलाइज्ड ई-काउंसलिंग के तीनों राउंड में हिस्सा लेकर पहले ही एडमिशन ले लिया है, वे इस डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के लिए एलिजिबल नहीं माने जाएंगे। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को प्राथमिकता देना है जिन्हें अब तक कोई सीट नहीं मिली है और सीटों पर दोहरे दावों को रोकना है। हालांकि, जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) और कलकत्ता यूनिवर्सिटी (CU) के प्रोफेसरों ने इस नए नियम पर कड़ी आपत्ति जताई है।

नए नियमों से सरकारी सीटें खाली रहने का डर

JU के एसोसिएट इंजीनियरिंग प्रोफेसर अरिंदम सिल का मानना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया के बीच में अचानक नियम बदलना नेचुरल जस्टिस के खिलाफ है और इससे कानूनी पेचीदगियां पैदा हो सकती हैं। उनका तर्क है कि डिसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग WBJEE क्वालिफाई करने वाले सभी छात्रों के लिए खुली होनी चाहिए, न कि कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित। इसके अलावा, 10+2 के अंकों के आधार पर छात्रों को शामिल करने और WBJEE व JEE मेन्स की मेरिट लिस्ट की तुलना करने के तरीकों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यूनिवर्सिटी के छात्रों का भी यही डर है कि इन नए और उलझन भरे नियमों के कारण प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में कई सीटें खाली रह सकती हैं और कम रैंक वाले छात्रों को बेहतर ब्रांच मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है। फिलहाल बोर्ड जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत तारीखों की आधिकारिक घोषणा करने जा रहा है।

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