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उत्तर 24 परगना में 'जीरो टॉलरेंस' नीति; गड़बड़ी करने वाले सरकारी कर्मियों पर दर्ज होगी FIR

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर 24 परगना जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और जिलाधिकारी (DM) ने जिले के सभी पुलिस कमिश्नरों, पुलिस अधीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंसा और बूथ जामिंग रोकने पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी चुनाव पूरी तरह से हिंसा मुक्त और उकसावे रहित होने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बूथ दखल (Booth Capturing), बूथ जामिंग और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

सरकारी कर्मचारियों को सख्त चेतावनी

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्देश सरकारी कर्मचारियों के लिए जारी किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई राज्य सरकार का कर्मचारी, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) का कर्मी, स्वायत्त संस्था या स्थानीय प्रशासनिक कार्यालय का कोई भी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी कर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जा सकती है।

अधिकारियों को जागरूकता फैलाने का निर्देश

निर्वाचन आयोग के इन दिशा-निर्देशों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए सभी अतिरिक्त जिलाधिकारियों, महकमा शासकों (SDO), रिटर्निंग अधिकारियों और बीडीओ (BDO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी स्तर के कर्मियों को चुनाव आयोग की शुचिता और नियमों के प्रति सचेत करना अनिवार्य है ताकि लोकतंत्र का यह उत्सव सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

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