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महिला, SC-ST चेहरों को बंगाल मंत्रिमंडल में बड़ी हिस्सेदारी संभव

44 मंत्रियों की बंगाल कैबिनेट में सामाजिक संतुलन पर होगा जोर बंगाल बीजेपी सरकार में सामाजिक समीकरण साधने की हो रही तैयारी

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच अब सबसे ज्यादा चर्चा संभावित मंत्रिपरिषद की संरचना और उसमें सामाजिक संतुलन को लेकर हो रही है। संविधान के 91वें संशोधन के तहत किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत तक ही हो सकती है। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के हिसाब से राज्य में अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में 9 मई को गठित होने वाली बीजेपी सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जा सकती है। खासकर महिला, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से आने वाले विधायकों को कैबिनेट में उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस चुनाव में महिला वोटरों, मतुआ समुदाय, राजवंशी समाज और जंगलमहल-उत्तर बंगाल के आदिवासी इलाकों में बीजेपी के प्रदर्शन को पार्टी की बड़ी ताकत माना जा रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल गठन के दौरान इन वर्गों को राजनीतिक संदेश देने की रणनीति अपनाई जा सकती है।

15 प्रतिशत नियम क्या कहता है?

संविधान के अनुसार किसी राज्य की मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता।

महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर संभव

इस चुनाव में बीजेपी की ओर से बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार जीतकर आई हैं। पार्टी महिला सशक्तिकरण के राजनीतिक संदेश को और मजबूत करने के लिए महिला चेहरों को प्रमुख मंत्रालय दे सकती है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार महिला विधायकों को सरकार में अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

संभावित महिला मंत्री

अनुमान : 8 से 12 मंत्री

SC समुदाय बन सकता है सबसे बड़ा शक्ति केंद्र

बंगाल चुनाव में मतुआ, नामशूद्र और अन्य दलित समुदायों का समर्थन बीजेपी की जीत में निर्णायक माना जा रहा है। यही वजह है कि अनुसूचित जाति समुदाय से बड़ी संख्या में नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। विशेष रूप से दक्षिण बंगाल और उत्तर बंगाल के SC बहुल इलाकों से आने वाले नेताओं को अहम विभाग मिलने की संभावना मानी जा रही है।

संभावित SC मंत्री

अनुमान : 10 से 14 मंत्री

ST नेताओं को भी मिल सकता है मजबूत प्रतिनिधित्व

जंगलमहल और उत्तर बंगाल की आदिवासी सीटों पर प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी ST चेहरों को भी पर्याप्त जगह दे सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आदिवासी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार में उनकी भागीदारी बढ़ाना बीजेपी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

संभावित ST मंत्री

अनुमान : 4 से 6 मंत्री

बॉक्स : किन क्षेत्रों को मिल सकती है प्राथमिकता?

उत्तर बंगाल

राजवंशी और आदिवासी प्रतिनिधित्व को महत्व मिल सकता है।

जंगलमहल

ST और संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरों को जगह मिलने की संभावना।

दक्षिण बंगाल

मतुआ और दलित समुदाय से आने वाले नेताओं को प्रमुख भूमिका मिल सकती है।

महिला नेतृत्व

युवा और आक्रामक महिला चेहरों को सरकार में आगे लाने की रणनीति संभव।


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