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गड़बड़ी फैलाने वालों पर पहले से होगी कार्रवाई : CEO

बंगाल चुनाव 2026: संवेदनशील बूथों की पहचान करने पर दिया जोर वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर की चर्चा

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, निगरानी बढ़ाने और केंद्रीय बलों के साथ समन्वय में काम करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में गड़बड़ी फैलाने की आशंका वाले लोगों पर पहले से नजर रखने, संवेदनशील बूथों की पहचान करने और वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गड़बड़ी फैलाने वालों पर पहले से नजर

राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि राज्य में जिन लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं, उनके मामलों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही गड़बड़ी फैलाने की आशंका वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ आयोजित बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि चुनाव से पहले ऐसे लोगों को इलाके से हटाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए।

वेबकास्टिंग और पेट्रोलिंग पर विशेष फोकस

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि यह प्रशिक्षण चुनाव आयोग के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। अधिकारियों को केंद्रीय बलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को गाड़ियों के आगे कैमरे लगाकर वेबकास्टिंग करने, इलाके में नियमित पेट्रोलिंग करने और चुनाव के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखने से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई।

संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों की पहचान

अधिकारियों को चुनाव से पहले ही संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य इन बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

चुनावी तैयारियों को दी जा रही तेजी

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों को दी जा रही यह ट्रेनिंग उसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके और मतदाताओं को सुरक्षित माहौल में मतदान करने का अवसर मिल सके।


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