विशाखापत्तनम : विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद केंद्र सरकार ने मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक श्रमिक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। साथ ही, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी और बच्चों को मुफ्त शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
सोमवार शाम राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के स्टील मेल्ट शॉप-1 में पिघले हुए इस्पात की ढलाई प्रक्रिया के दौरान भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद संयंत्र में आग भी लग गई थी।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि यह आर्थिक सहायता बीमा, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभों के अतिरिक्त होगी। मृत कर्मचारियों के परिवारों को कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु तक संयंत्र के आवासीय क्वार्टर में रहने की अनुमति भी दी जाएगी। टाउनशिप के बाहर रहने वाले पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घायलों का पूरा इलाज आरआईएनएल द्वारा कराया जाएगा और गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को 10 लाख रुपये की विशेष सहायता दी जाएगी।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
हादसे के कारणों की जांच के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न इस्पात संयंत्रों के विशेषज्ञों की एक विशेष समिति गठित की है। यह समिति घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
कुमारस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारियों की सुरक्षा और विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के पुनरुद्धार एवं विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।