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आंदोलन की आड़ में हिंसा, अराजकता बर्दाश्त नहीं : तापस राय

कोलकता : बंगाल भाजपा की ओर से आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दिल्ली में छात्र-युवाओं के आंदोलन के नाम पर हाल में हुई अशांति, परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और इस मुद्दे को लेकर विपक्ष की भूमिका पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया गया। पत्रकार सम्मेलन में पश्चिम बंगाल सरकार के उद्योग मंत्री तापस राय, प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार, प्रदेश भाजपा मीडिया संयोजक प्रोफेसर बिमल शंकर नंद और प्रदेश युवा मोर्चा के महासचिव श्री आशीष विश्वास उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होना निस्संदेह अत्यंत गंभीर विषय है और इससे जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं में शामिल लोगों को शीघ्र और कठोर सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश

हालांकि, भाजपा का आरोप है कि छात्र और युवाओं के हितों की रक्षा के नाम पर दिल्ली में हो रहे आंदोलन को योजनाबद्ध तरीके से दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है। आंदोलन के मंच से ऐसे कई मुद्दों और व्यक्तियों के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जिनका NEET या परीक्षार्थियों की समस्याओं से कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों पर पथराव, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पत्रकारों, विशेष रूप से महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप भी सामने आए हैं। भाजपा का स्पष्ट कहना है कि लोकतांत्रिक आंदोलन के नाम पर इस प्रकार की हिंसा और अराजकता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट देवजीत सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रश्नपत्र लीक के मामले से इनकार नहीं किया है, बल्कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया है। वर्ष 2024 में The Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act का लागू किया जाना इसका एक प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में देश के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। IIT और IIM की संख्या में वृद्धि, मेडिकल कॉलेजों तथा MBBS-PG सीटों में बढ़ोतरी, Atal Tinkering Labs और One Nation One Subscription जैसी अनेक पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए गए हैं। इसलिए किसी एक घटना को आधार बनाकर देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को विफल साबित करने की राजनीतिक कोशिश स्वीकार्य नहीं है।

कांग्रेस और INDI गठबंधन की भूमिका पर भी सवाल

पत्रकार सम्मेलन में कांग्रेस और INDI गठबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। भाजपा नेतृत्व ने कहा कि अतीत में विभिन्न केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यकाल में भी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इसलिए केवल एक परीक्षा तक चर्चा सीमित रखने के बजाय अतीत में हुई प्रश्नपत्र लीक की सभी घटनाओं और भविष्य में इन्हें पूरी तरह रोकने के उपायों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया गया कि जब केंद्र सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष व्यापक चर्चा से पीछे क्यों हट रहा है?

छात्र-युवाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश

उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि वर्तमान सरकार देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों को जड़ से समाप्त करने के लिए कठोरतम कार्रवाई आवश्यक है। लेकिन ऐसी घटनाओं को हथियार बनाकर देश में अस्थिरता पैदा करने या छात्र-युवाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल को लेकर भी चेतावनी दी गई। भाजपा नेतृत्व ने कहा कि यदि दिल्ली की तरह आंदोलन के नाम पर पश्चिम बंगाल में भी हिंसा, अराजकता या अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जाती है, तो राज्य प्रशासन कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करेगा। विद्यार्थियों के आंदोलन की आड़ में हिंसा, अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों को रोकना भी जरूरी है। ऐसी कोशिशों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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