छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट मामले में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है। इलाज के दौरान दो और मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 श्रमिक अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
सक्ति कलेक्टर Amrit Vikas Topno ने बताया कि इस घटना को लेकर केंद्र, राज्य और जिला प्रशासन बेहद गंभीर है और हर छोटे-बड़े पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में तकनीकी खामी की आशंका सामने आई है, लेकिन सटीक कारण जानने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
कलेक्टर के अनुसार, केंद्र सरकार की एक टीम प्लांट के सभी तकनीकी लॉग्स की शुरुआत से अंत तक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोट किस वजह से हुआ। उन्होंने इसे “माइक्रो ऑब्जर्वेशन” बताते हुए कहा कि किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक ईंधन जमा हो गया था, जिससे दबाव अचानक बढ़ गया। इस दबाव के कारण पाइप अपनी जगह से हट गया और संरचनात्मक क्षति हुई, जिसके चलते विस्फोट हुआ।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भी इस मामले की जांच कर रही है, ताकि शुरुआती निष्कर्षों की पुष्टि की जा सके।
इस मामले में पुलिस ने Prafull Thakur के निर्देश पर केस दर्ज कर लिया है। इसमें वेदांता के डायरेक्टर Anil Agarwal, कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को नामजद किया गया है।
यह हादसा राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।