उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय वायुसेना के एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक व्यक्ति के कथित रूप से सेना का अधिकारी बनकर घूमने का मामला सामने आया है। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में की है, जो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले का निवासी है। आरोप है कि वह खुद को भारतीय सेना का कैप्टन बता रहा था। पुलिस ने उसके दावे की जांच की, लेकिन सेना में उसकी नियुक्ति से जुड़ी जानकारी की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद आदमपुर थाने में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
यह घटना 24 अक्टूबर को नमो घाट के पास हुई, जहां भारतीय वायुसेना के एयर शो के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने युवक से पूछताछ की। उसके सैन्य अधिकारी होने के दावे की जांच की गई, जिसके बाद उसकी वास्तविक पहचान सामने आई।
हेलीपैड के पास घूमने की मिली थी सूचना
पुलिस की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, आदमपुर थाने के उपनिरीक्षक चंदन कुमार मुख्य आरक्षी हृदय नारायण मौर्य और आरक्षी महबूब आलम के साथ नमो घाट पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति हेलीपैड के पास घूम रहा है और खुद को सेना का अधिकारी बता रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक को पूछताछ के लिए रोका। पूछताछ के दौरान उसने अपना परिचय कैप्टन अर्पित चतुर्वेदी के रूप में दिया। उसने दावा किया कि वह भारतीय सेना में अधिकारी के पद पर कार्यरत है।
हालांकि, पुलिस ने उसके परिचय और सैन्य सेवा से जुड़े विवरणों का सत्यापन किया तो उसके दावे की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में की और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने अर्पित चतुर्वेदी के खिलाफ आदमपुर थाने में मामला संख्या 0189/2026 दर्ज किया है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 204 और धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 लोक सेवक का प्रतिरूपण करने से संबंधित है, जबकि धारा 318(4) धोखाधड़ी के उस अपराध से जुड़ी है, जिसमें बेईमानी से किसी व्यक्ति को संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित किया जाता है। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी के विरुद्ध आरोप अदालत में सिद्ध हो चुके हैं। मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई घटना
वाराणसी के नमो घाट पर 25 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना का विशेष हवाई प्रदर्शन आयोजित किया गया था। ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम के इस कार्यक्रम में वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हवाई करतब दिखाए। कार्यक्रम भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था।
इस आयोजन के लिए नमो घाट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। ऐसे में कार्यक्रम से एक दिन पहले हेलीपैड के पास खुद को सैन्य अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का पकड़ा जाना जांच का विषय बन गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि आरोपी किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हुआ था या उसने कार्यक्रम के लिए निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था को भेद दिया था। पुलिस की ओर से सामने आए विवरण में इतना कहा गया है कि वह हेलीपैड के पास संदिग्ध गतिविधियों के चलते पूछताछ के दायरे में आया।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की पहचान और उसके सैन्य अधिकारी होने के दावे का सत्यापन करने के बाद मामला दर्ज किया। अब मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है कि उसने कथित रूप से सैन्य अधिकारी की पहचान क्यों अपनाई और क्या उसने इस पहचान का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी किया था। हालांकि, इन पहलुओं पर जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से दर्ज शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही तथ्य सामने आए हैं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।