वॉशिंगटनः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी बल ईरान में जल्द ही ‘‘काम खत्म करेंगे क्योंकि मुख्य रणनीतिक उद्देश्य लगभग पूरे होने वाले हैं।’’ ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध में उनके लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और ये लक्ष्य हैं ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता एवं नौसेना को नष्ट करना तथा यह सुनिश्चित करना कि उसके लिए काम करने वाले छद्म संगठन अब क्षेत्र को अस्थिर नहीं कर सकें और ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सके।
ट्रंप ने ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कहा कि यह सैन्य कार्रवाई तेल समेत ईरान के किसी विशाल संसाधन को हासिल करने के लिए नहीं की गई है, बल्कि यह अमेरिका के सहयोगियों की मदद के लिए की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम एशिया से पूरी तरह अलग हैं लेकिन फिर भी हम मदद करने के लिए वहां हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें वहां रहने की जरूरत नहीं है। हमें उनके तेल की जरूरत नहीं है। उनके पास जो कुछ भी है, उसकी हमें जरूरत नहीं है लेकिन हम अपने सहयोगियों की मदद करने के लिए वहां हैं।’’
ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के क्रॉस हॉल में बुधवार रात कहा कि पिछले एक महीने में ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ की कार्रवाई से ईरान की ‘‘मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता में उल्लेखनीय कमी आई है और हथियार बनाने वाली उसकी फैक्टरी एवं रॉकेट प्रक्षेपक तहस-नहस किए जा रहे हैं।’’ ट्रंप ने कहा कि ईरान की ‘‘नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायु सेना तबाह हो चुकी है और उस देश के नेता ‘‘अब मारे जा चुके हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ‘‘इस वक्त हमारी कार्रवाई में बुरी तरह तबाह किया जा रहा है।’’ ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर करीब एक महीने पहले ईरान पर हमला करने के बाद ‘प्राइम टाइम’ पर पहली बार देश को संबोधित किया है। ट्रंप ने कहा, ‘‘पिछले सप्ताह हमारे सशस्त्र बलों ने युद्धक्षेत्र में कई तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की हैं।’’