अमेरिकी हमले के बाद इस्फहान शहर के परमाणु ठिकाने का दृश्य।  
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अमेरिका का प्रमुख केंद्र पर हमला, ईरान ने भी दिया जवाब

तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में दुबई तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला किया। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।

Narendra Kumar Singh

दुबईः अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच मंगलवार तड़के अमेरिकी हमले में ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया गया, जबकि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में दुबई तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला किया। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।

खबर के अनुसार, इस्फहान में हुए हमले के बाद आसमान में काफी ऊंचाई तक आग फैलती हुई दिखी। यह वही क्षेत्र है जहां पिछले साल जून में भी अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की थी। अमेरिकी कार्रवाई के बाद भी इस्फहान में ईरान का संवर्धित यूरेनियम संग्रहित होने की आशंका जताई जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले का वीडियो साझा करते हुए कहा कि संघर्ष विराम के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

इस बीच, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में हमले तेज करते हुए दुबई के जलक्षेत्र में एक कुवैती तेल टैंकर को ड्रोन से निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई। हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में दुबई में चार लोग घायल भी हुए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान केवल अमेरिकी बलों को निशाना बना रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अमेरिकी बलों को क्षेत्र से बाहर किया जाना चाहिए।

उधर, क्षेत्रीय तनाव के बीच बहरीन में सायरन की आवाज सुनाई दीं, जबकि सऊदी अरब ने राजधानी रियाद की ओर दागी गईं तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया। ड्रोन के मलबे से छह घरों को मामूली नुकसान पहुंचा।

यरुशलम में भी सायरन सुनाई दिए और इजराइल ने ईरान की ओर से मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की। इसके अलावा, लेबनान में जारी सैन्य अभियान के दौरान इजराइल के चार सैनिकों और दो संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की मौत की भी खबर है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ता है तथा प्रमुख समुद्री मार्गों पर असर जारी रहता है, तो इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

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