निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कृष्णनगर: नदिया जिले के शक्तिनगर जिला अस्पताल परिसर में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब इलाज में लापरवाही के कारण तीसरी कक्षा के एक छात्र की मौत का आरोप लगा। मृतक छात्र की पहचान दीप बाघ के रूप में हुई है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने धरना दिया, जिससे स्थिति काफी अनियंत्रित हो गई।
परिजनों के अनुसार,सुबह दीप अपने पिता के साथ स्कूल जा रहा था, तभी चारगेट इलाके के पास उनका वाहन एक टोटो से टकरा गया। इस सड़क हादसे में दीप गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तुरंत शक्तिनगर जिला अस्पताल लाया गया। छात्र की माँ का आरोप है कि अस्पताल लाने के बाद लंबे समय तक उसे बिना किसी इलाज के छोड़ दिया गया। काफी देर बाद डॉक्टरों ने केवल पैर का एक्स-रे कराने को कहा, जिसे तुरंत करा लिया गया, लेकिन उसके बाद भी किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने उसे नहीं देखा।
समय पर इलाज न मिलने के कारण अंततः मासूम ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का सब्र टूट गया और रात में उन्होंने अस्पताल के गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हंगामे की सूचना पाकर शक्तिनगर पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की आंतरिक जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन इलाके में अब भी मातम और तनाव का माहौल है।