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गांजा तस्करी के मामले में दो दोषियों को 20-20 साल की जेल

एसटीएफ की कार्रवाई का बड़ा फैसला

Nidhi Gupta

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल एसटीएफ की ओर से की गई बड़ी कार्रवाई के करीब ढाई साल बाद अदालत ने 447.2 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में अपना फैसला सुनाया है। कृष्णानगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम न्यायालय) ने मामले की सुनवाई करते हुए 22 सितंबर 2026 को दो आरोपियों को दोषी करार दिया और दोनों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

गुप्त चैंबर से बरामद हुआ था 447.2 किलो गांजा

यह मामला 11 फरवरी 2024 का है, जब एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नदिया जिले के नवद्वीप थाना क्षेत्र स्थित मुकुंदपुर में एक 12 चक्का ट्रक को घेराबंदी कर रोका था। ट्रक की बारीकी से तलाशी लेने पर उसके अंदर विशेष रूप से बनाया गया एक गुप्त चैंबर मिला, जिसमें से 447.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। घटना स्थल से ही एसटीएफ ने दो आरोपियों—आलम मंडल और अलामिन मंडल को गिरफ्तार किया था।

2-2 लाख का जुर्माना, नशामुक्त भारत अभियान में बड़ी सफलता

जांच अधिकारी महीतोष राय द्वारा अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। अदालत ने दोनों सजायाफ्ता अपराधियों पर 2-2 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त छह महीने के सश्रम कारावास के साथ 1-1 लाख रुपये का और जुर्माना भरना होगा। एसटीएफ ने अदालत के इस कड़े फैसले को नशामुक्त भारत के संकल्प की दिशा में एक अहम और ऐतिहासिक सफलता करार दिया है।

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