निधि, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट (पीवीआर) में आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाने और गलत तथ्य देने के मामले में राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दो सब-इंस्पेक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। विभाग के वरिष्ठ उप सचिव की ओर से जारी अलग-अलग आदेशों में दोनों की सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। पहले मामले में समीर मंडल को 19 जनवरी 2026 को सेवा से हटाया गया था। उन्होंने मालदा के कालियाचक थाना क्षेत्र में दर्ज एक आपराधिक मामले में अदालत से बरी होने का हवाला देते हुए सेवा में बहाली की अपील की थी। हालांकि, विभाग ने उनकी याचिका खारिज कर दी। आदेश के मुताबिक, 15 सितंबर 2023 को पीवीआर फॉर्म भरने के समय उनके खिलाफ मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी थी।
आरोप है कि उन्होंने फॉर्म के कॉलम 13 में इसकी जानकारी नहीं दी। विभाग का कहना है कि बाद में अदालत से बरी होने के बावजूद पीवीआर में गलत जानकारी देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। दूसरे मामले में बहरामपुर एससीएफएंडएस में तैनात सब-इंस्पेक्टर गौरांग पोद्दार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। आरोप है कि उन्होंने 1 फरवरी 2021 को पीवीआर फॉर्म भरते समय तपन थाने में दर्ज आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 325, 326, 302 और 34 के तहत कार्रवाई हुई थी तथा चार्जशीट भी दाखिल की गई थी। विभाग की कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक मानते हुए नियुक्ति की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।